अनुभवी शिक्षक बनेंगे देश के गुरुओं के मेंटर / एमआईटीआरए-एनएमएम पोर्टल से शिक्षकों को मिलेगा मेंटरिंग और पेशेवर सहयोग

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कोरबा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश की शिक्षण व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन ने क्रांतिकारी कदम उठाया है। शिक्षकों को पेशेवर और व्यक्तिगत सपोर्ट देने के लिए एमआईटीआरए-एनएमएम पोर्टल लॉन्च किया गया है। जिले में भी राष्ट्रीय अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य कर रहे योग्य, इच्छुक शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षक ऑन बोर्ड हो सकते हैं। शिक्षाविदों की ओर से लंबे समय से महसूस किया जा रहा था कि स्टूडेंट लर्निंग (छात्र अधिगम) के बड़े और व्यापक मिशन में असरदार तरीके से योगदान देने के लिए शिक्षकों का निरंतर सीखना और प्रोफेशनल डेवलपमेंट बेहद जरूरी है।

इसी जरूरत को पूरा करने के लिए नेशनल मिशन की रूपरेखा तैयार की गई है। मिशन के तहत देशभर के सीनियर और रिटायर्ड फैकल्टी और अनुभवी शिक्षकों का विशाल पूल बनाया जा रहा है। नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-स्कूल एजुकेशन के विजन को स्पष्ट समझ के साथ लागू करने में शिक्षकों को सक्षम बनाना इसका मुख्य लक्ष्य है। पोर्टल यूनिवर्सिटी, कॉलेज और स्कूल के शिक्षकों को उनकी जरूरत के अनुसार शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग टर्म मेंटरिंग व उच्च स्तर का प्रोफेशनल सपोर्ट मुहैया कराएगा। मेंटरिंग सशक्त माध्यम है, जिसमें किसी अनुभवी व्यक्ति (मेंटर) और काम में दक्ष मार्गदर्शन चाहने वाले व्यक्ति (मेंटी) के बीच संवाद का सिलसिला चलता है। इससे जमीनी स्तर की टीचिंग प्रॉब्लम्स दूर होती है। यह पोर्टल आधुनिक और तकनीकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, व्यावसायिक शिक्षा (वोकेशनल एजुकेशन), कौशल आधारित शिक्षा (स्किल-बेस्ड एजुकेशन), भारतीय संस्कृति, गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे आधुनिक व महत्त्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों को पूरी तरह दक्ष बनाएगा।

भारतीय भाषाओं में अध्ययन-अध्यापन

इस मिशन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें भारतीय भाषाओं में पढ़ाने की विशेष काबिलियत रखने वाले शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिलेगा, जिससे मातृभाषा में शिक्षा का स्तर और मजबूत होगा। शिक्षकों को निरंतर सीखने और अपने कौशल को अपग्रेड करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे आधुनिक युग की शिक्षा जरूरतों के अनुसार खुद को ढाल सकेंगे।

8 साल अनुभवी शिक्षकों को दिया जाएगा अवसर

इस राष्ट्रीय अभियान में देश के कोने-कोने से और स्थानीय स्तर पर जिले से भी प्रतिभावान व योग्य शिक्षाविदों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। ऐसे सभी वरिष्ठ और अनुभवी शिक्षक जिनके पास अध्यापन का 8 वर्ष या उससे अधिक का लंबा अनुभव है, साथ ही देश भर के सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) शिक्षक और प्रोफेसर इसमें मेंटर के रूप में शामिल हो सकते हैं।

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