कोरबा। कोयले के अवैध खनन व चोरी को रोकने एसईसीएल अपने स्तर पर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का संचालन कर रही है। कोल कंपनी ने टोल फ्री नंबर 1800-233-0494 जारी किया है। इस पर सूचना देने पर कंट्रोल रूम को जानकारी मिलेगी। चूंकि कोयला क्षेत्रों में लॉ एंड ऑर्डर की चुनौती रहती है। इसलिए विभागीय सुरक्षा कर्मियों के साथ एसईसीएल ने अब खदानों में सीआईएसएफ व त्रिपुरा स्टेट राइफल्स जवानों की तैनाती की है।
एसईसीएल गेवरा व दीपका खदान में कोयले का अवैध खनन व चोरी रोकने सीआईएसएफ हाईटेक तकनीक से निगरानी करेगी। सीआईएसएफ ने ड्रोन की मांग की है। कोयलांचल में सीआईएसएफ का थाना खोलने सर्वे भी किया गया है। अनुमति व अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद सीआईएसएफ की थाना खुलेगी।एसईसीएल की जिले में संचालित न खदानों में कोयला व डीजल चोरी के मामले सामने आने के बाद से गेवरा व दीपका खदान में सीआईएसएफ की तैनाती की गई है।
विभागीय सुरक्षा कर्मियों के साथ सीआईएसएफ के जवानों का पहरा खदानों में है। कई मौके पर खदान में गठित सीआईएसएफ जवानों की क्विक रिस्पांस टीम की भी मदद ली जाती है। एसईसीएल की कुल कोयला उत्पादन में 70 फीसदी से अधिक भागीदारी गेवरा, कुसमुंडा व दीपका खदानों की है। जमीन अधिग्रहण से माइंस का दायरा बढ़ा है। गेवरा व दीपका खदानों की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ संभाल रही है।

















