कोरबा। लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर कोरबा में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले पूर्वांचल समाज के परिवारों में पर्व को लेकर खासा उत्साह है। छठ घाटों की साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं बाजारों में भी छठ पूजा से जुड़ी सामग्री की खरीदारी बढऩे से रौनक दिखाई देने लगी है।
चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ होगी। इसके अगले दिन 14 नवंबर को खरना मनाया जाएगा। 15 नवंबर को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अघ्र्य देंगे, जबकि 16 नवंबर को उगते सूर्य को अघ्र्य देने के साथ महापर्व का समापन होगा। पर्व के दौरान व्रती कठिन नियमों का पालन करते हुए भगवान सूर्य और छठी मइया की आराधना करेंगे। कोरबा के विभिन्न छठ घाटों पर पर्व को लेकर तैयारियां चल रही हैं। समितियों और श्रद्धालुओं द्वारा घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सजावट और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर तैयारी की जा रही है। संध्या और प्रात:कालीन अघ्र्य के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। परिवारों ने अभी से पूजन सामग्री जुटानी शुरू कर दी है। छठ पर्व को लेकर बाजार में भी रौनक बढ़ गई है। सूप, दउरा, टोकरी, गन्ना, नारियल, केले, सेब, सिंघाड़ा, ठेकुआ बनाने की सामग्री और अन्य पूजन सामग्री की मांग बढ़ी है। फल और पूजा सामग्री की दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढऩे लगी है। दुकानदारों को पर्व के दौरान कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है। पूर्वांचल समाज के लोगों के लिए छठ केवल पूजा नहीं, बल्कि परिवार, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का पर्व है। कोरबा में भी हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग सामूहिक रूप से घाटों पर पहुंचकर सूर्यदेव को अघ्र्य देते हैं। इस बार भी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है।















