कोरबा/ कोरबा मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही एक बार फिर से सामने आई है। यहां एक मृत ट्रक ड्राइवर की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम में काफी देरी हुई। पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा। परिजनों को शव को बिहार ले जाना था, पीएम कार्य में देरी होने के कारण परिजन परेशान होते रहे।
बता दें कि एसईसीएल की कुसमुंडा कोल परियोजना में काम करने वाले नंद लाल चौहान की तबीयत रात में अचानक बिगड़ी। परिजन उन्हें पहले बांकी स्थित एसईसीएल के विभागीय अस्पताल ले गए। वहां से एक निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया। दोनों जगह इलाज से मना कर दिया गया। रात करीब दो बजे जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुबह 11 बजे पंचनामा पूरा हो गया। लेकिन दोपहर दो बजे तक डॉक्टर पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं पहुंचे। थककर परिजन ने प्रबंधन से शिकायत की जिसके बाद डॉक्टर मौके पर पहुंचे।
बताया गया कि मृतक बिहार का रहने वाला था। परिजनों को शव को बिहार ले जाना था। जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अस्पताल में जिस तरह की लापरवाही सामने आई है इस पर प्रशासन को ध्यान देने व ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए समय पर नहीं पहुंचे डॉक्टर, परिजनों को घंटों करना पड़ा इंतजार
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