बालको/कोरबा। नवरात्रि के पावन पर्व पर मानव सेवा मिशन, बालको ने सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल पेश की। मिशन की ओर से बरपाली आश्रम में रहने वाले बच्चों और कोरबा स्थित प्रशांति वृद्धा आश्रम में बुजुर्गों के लिए विशेष भोजन सेवा का आयोजन किया गया। इस पहल के माध्यम से जरूरतमंदों के बीच स्नेह, अपनत्व और सहयोग का संदेश दिया गया।
बरपाली आश्रम में बच्चों के लिए आयोजित भोजन सेवा श्री शिवेंद्र अग्रवाल के सौजन्य से संपन्न हुई। वहीं, प्रशांति वृद्धा आश्रम में बुजुर्गों के लिए भोजन सेवा का आयोजन श्री पवन शर्मा के सौजन्य से किया गया। इस दौरान दोनों आश्रमों में भोजन के साथ जरूरत के अनुरूप राशन सामग्री और सूखा नाश्ता भी उपलब्ध कराया गया।
बच्चों और बुजुर्गों के प्रति जताया अपनत्व
मानव सेवा मिशन के इस सेवा कार्य का उद्देश्य आश्रम में रहने वाले बच्चों और बुजुर्गों को सहयोग प्रदान करने के साथ उनके प्रति सम्मान, संवेदना और आत्मीयता का भाव प्रकट करना रहा। मिशन के सदस्यों ने भोजन सेवा के माध्यम से यह संदेश दिया कि त्योहारों की खुशियां तभी सार्थक होती हैं, जब समाज के जरूरतमंद वर्गों को भी उसमें सहभागी बनाया जाए।
मिशन के सदस्यों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
दोनों आश्रमों में आयोजित सेवा गतिविधियों में मानव सेवा मिशन के पुरुष एवं महिला सदस्यों के साथ बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर सेवा कार्य को सफल बनाया। मिशन ने इस पुनीत पहल में सहयोग देने वाले श्री शिवेंद्र अग्रवाल और श्री पवन शर्मा सहित सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवा और संवेदना का दिया संदेश
मानव सेवा मिशन, बालको की इस पहल ने नवरात्रि के पर्व को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए मानवता और परोपकार का संदेश दिया। मिशन का मानना है कि भक्ति के साथ सेवा और श्रद्धा के साथ समर्पण ही त्योहारों की खुशियों को वास्तविक अर्थ प्रदान करते हैं।
मानव सेवा मिशन ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जरूरतमंदों की सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
मानव सेवा मिशन, बालको — जरूरतमंदों की सेवा में हमेशा तत्पर।

















