पेट्रोल पंप मैनेजर की मौत में संचालक पर FIR

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सिंटेक्स टंकी में मिला था पेट्रोल मिश्रित पानी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

कोरबा । मुड़ापार स्थित आरजी पेट्रोल पंप में मैनेजर ओमप्रकाश यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मृतक के बेटे करण यादव की शिकायत पर मानिकपुर पुलिस ने धारा 106 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में पेट्रोल पंप परिसर में ज्वलनशील पदार्थ से जुड़ी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों में कथित लापरवाही का आरोप लगाया गया है।

मामले के अनुसार, 7 सितंबर की शाम करण यादव को सूचना मिली कि उसके पिता ओमप्रकाश यादव की पेट्रोल पंप पर तबीयत बिगड़ गई है। सूचना मिलने के बाद करण अपनी मां के साथ आरजी पेट्रोल पंप पहुंचा। वहां ओमप्रकाश जमीन पर पड़े मिले। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी में टंकी की ओर जाते दिखे
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में ओमप्रकाश यादव कार्यालय से चाड़ी और गेलन लेकर सिंटेक्स टंकी की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया गया है कि टंकी में पेट्रोल मिश्रित पानी मौजूद था। आशंका जताई जा रही है कि ओमप्रकाश इसकी जांच करने के लिए टंकी के पास पहुंचे थे और इसी दौरान पानी में डूबने से उनकी मौत हुई।
हालांकि, मौत किस तरह और किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच का विषय है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज समेत घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
बेटे ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

मृतक के बेटे करण यादव ने पुलिस को दी शिकायत में पेट्रोल पंप संचालक पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, परिसर में ज्वलनशील पदार्थ से संबंधित व्यवस्था पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना रखी गई थी। इसी कथित लापरवाही को लेकर संचालक की जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की गई है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
मानिकपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ धारा 106 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज, टंकी की स्थिति और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि ओमप्रकाश यादव की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।

एफआईआर दर्ज होना आरोप की जांच की शुरुआत है, दोष सिद्धि नहीं। पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही संचालक की वास्तविक जिम्मेदारी और मौत के कारणों का अंतिम निर्धारण होगा।

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