कोरबा। भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर सार्वजनिक संपत्ति की बिक्री पर रोक, पेंशन वृद्धि, स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारियों जैसी सामाजिक सुरक्षा सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर देशभर में जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।कोरबा में हुआ विरोध प्रदर्शन- भारतीय मजदूर संघ जिला इकाई कोरबा के पदाधिकारियों व संबद्ध यूनियनों ने 18 मार्च को आईटीआई चौक, कोरबा में आमसभा कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

प्रमुख मांगें– न्यूनतम पेंशन ₹1000 से बढ़ाकर ₹5000 की जाए और इसे महंगाई भत्ते से जोड़ा जाए। पेंशनभोगियों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाए। ईपीएफ वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 व ईएसआईएस वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 की जाए।सार्वजनिक क्षेत्र की बिक्री व बीमा/वित्तीय क्षेत्र में 100% विनिवेश पर रोक लगाई जाए। स्कीम वर्कर्स (आंगनबाड़ी सहायिका, आशा वर्कर) को सरकारी कर्मचारी समान वेतन व सामाजिक सुरक्षा मिले। असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को रोजगार व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

महत्वपूर्ण भागीदारी- इस आंदोलन में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री व विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल, राष्ट्रीय पर्यावरण मंच प्रभारी लक्ष्मण चंद्रा, एनटीपीसी मजदूर महासंघ अध्यक्ष सुरेंद्र राठौर, बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ महामंत्री शब्बीर मेमन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ संयुक्त महामंत्री अंजलि पटेल, कोयला खदान मजदूर संघ गेवरा-दीपका अध्यक्ष राम नारायण साहू, बालको कर्मचारी संघ संगठन मंत्री हरीश सोनवानी, कोयला खदान मजदूर संघ कुसमुंडा महामंत्री रंजय सिंह, सेवानिवृत्त विद्युत कर्मचारी संघ राष्ट्रीय मंत्री सीएस दुबे सहित कई पदाधिकारियों ने आमसभा को संबोधित किया।

सभा की अध्यक्षता व संचालनसभा की अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र द्विवेदी ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री नवरतन बरेठ ने किया। व्यापक समर्थन और भागीदारीइस दौरान एसईसीएल गेवरा, दीपका, कुसमुंडा, एनटीपीसी, बालको, बिजली उत्पादन, कोरबा पूर्व-पश्चिम, बिजली वितरण, अडाणी पावर कंपनी, आंगनवाड़ी, नगर निगम, रेलवे, ठेका मजदूर संघ व राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी व सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। धरना-प्रदर्शन के बाद रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।















