भारतीय मजदूर संघ की औद्योगिक इकाई अखिल भारतीय विद्युत् मजदूर महासंघ का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 11-12 अप्रैल को मारुति मंगलम, गुढ़ियारी रायपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अधिवेशन की मेजबानी छत्तीसगढ़ ने की।मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उपस्थित हुए, वहीं उद्घाटन कर्ता व मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री रविन्द्र हिमते ने अधिवेशन को संबोधित किया।दो दिवसीय इस अधिवेशन में कुल आठ सत्र हुए। अधिवेशन के दौरान एक विशाल रैली का आयोजन भी हुआ, जिसमें देशभर से आए विद्युत कर्मचारियों ने शक्ति प्रदर्शन किया।
अधिवेशन के दौरान विद्युत कर्मचारियों के हितों से जुड़े 6 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए— विद्युत क्षेत्र के लिए एक समान सेवा शर्तें लागू की जाएं। औद्योगिक त्रिपक्षीय समिति का गठन हो। बिजली उद्योग में निजीकरण पर रोक लगे। ठेका प्रथा की समाप्ति और आउटसोर्स कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मिले। विद्युत अधिनियम संशोधन विधेयक 2023 पर पुनर्विचार हो। ऊर्जा क्षेत्र में कर्मचारियों के हित सुरक्षित रखने हेतु सतत संवाद की व्यवस्था हो।

इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति अरुण देव बाजपेयी ने भी बौद्धिक सत्र को संबोधित किया। अंतिम सत्र में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री राधेश्याम जायसवाल द्वारा आगामी तीन वर्षों के लिए नए पदाधिकारियों का निर्वाचन सम्पन्न कराया गया।
चयनित प्रमुख पदाधिकारी- अध्यक्ष- मधुसूदन जोशी, राजस्थान महामंत्री- राज मुरुगन, तमिलनाडु उपमहामंत्री- हरीश चौहान, छत्तीसगढ़वित्त सचिव- मनोज शर्मा, छत्तीसगढ़ इसके साथ ही रायपुर से डी.के. यदु रीता बघेल तथा कोरबा से पूर्णिमा साहू को राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य नामित किया गया।
अधिवेशन में राष्ट्रीय मंत्री अंजलि पटेल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुनील किरवई और छत्तीसगढ़ प्रदेश महासंघ के अध्यक्ष शोभासिंह देव एवं महामंत्री दिनेश कुमार पांडेय की विशेष उपस्थिति रही।कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रदेश महासंघ के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।















