रायपुर: विधानसभा में बजट भाषण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए हस्तलिखित बजट को “रफ कॉपी” करार देते हुए इसे झूठ पर आधारित बताया। बघेल ने कहा कि बजट की शुरुआत ही गलत और भ्रामक तथ्यों से हुई है। उन्होंने दावा किया कि रायपुर एयरपोर्ट पर रोजाना 26 से 34 फ्लाइट आती हैं, लेकिन सरकार ने बजट में 76 फ्लाइट्स आने का दावा किया है, जो पूरी तरह गलत है।
चुनाव जीतने के बाद सरकार द्वारा नए रिकॉर्ड बनाने की बात पर तंज कसते हुए बघेल ने कहा, “हमने भी चुनाव जीता था, लेकिन कोई नया इतिहास नहीं बनाया। अगर सिर्फ रिकॉर्ड बनाए हैं, तोड़े नहीं हैं, तो इसमें क्या नई बात है?” उन्होंने प्रदेश की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि बस्तर में 3000 स्कूलें बंद हो गई हैं, लोग भूख से मर रहे हैं। विकास केवल कंक्रीट की इमारतें बनाने से नहीं होता, बल्कि मानव विकास भी उतना ही आवश्यक है।
गरीबी के मुद्दे पर बोलते हुए बघेल ने कहा कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, तब 40 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे थे। अब जनगणना ही बंद कर दी गई है, जिससे वास्तविक स्थिति का पता ही नहीं चलता। उन्होंने गौसेवा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि हमारे कार्यकाल में 5 लाख लीटर दूध उत्पादन बढ़ा था, लेकिन अब रायपुर में गौ मांस बिक रहा है।
अमृतकाल को लेकर बघेल ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “1996 के बाद पहली बार 96 लाख करोड़ डूब गए हैं। सरकार एक के बाद एक आर्थिक संकट में गोता लगा रही है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी को लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है।मुख्यमंत्री की सदन में अनुपस्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि “सीएम पूरे दिन सदन में नहीं आए, जिससे सदन की गरिमा प्रभावित होती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सरकार से कठिन सवाल किए जाते हैं, सीएम सदन से नदारद रहते हैं और उनके सवालों का जवाब कोई और मंत्री देता है।















