कोरबा। जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, कोरबा ने ₹2,000 से अधिक के UPI व्यापारी लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) लागू किए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। इस संबंध में चेंबर ने 18 सितंबर 2026 को जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में चेंबर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था का तेजी से विस्तार हुआ है। UPI छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक डिजिटल भुगतान का सरल, त्वरित, सुरक्षित और कम लागत वाला माध्यम बन चुका है।
चेंबर के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट P2M (Person-to-Merchant) लेन-देन पर 0.4% MDR का प्रावधान सीधे ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा, लेकिन इसका आर्थिक भार व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है। चेंबर ने कहा कि व्यापारियों के लिए प्रत्येक लेन-देन की लागत बढ़ने से बैंकिंग, संचालन और अन्य व्यावसायिक खर्चों के बीच अतिरिक्त वित्तीय भार जुड़ सकता है। इसका प्रभाव विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर पड़ने की बात ज्ञापन में कही गई है।
चेंबर की प्रमुख मांग
जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि—
व्यापारियों के लिए UPI जैसी सरल डिजिटल भुगतान व्यवस्था को शून्य MDR के साथ जारी रखा जाए।
₹2,000 से अधिक के व्यापारी UPI लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4% MDR को वापस लिया जाए या इस पर पुनर्विचार किया जाए।
व्यापारिक समुदाय की चिंताओं से संबंधित ज्ञापन को केंद्र सरकार एवं संबंधित मंत्रालय तक पहुंचाया जाए।
चेंबर ने कहा कि डिजिटल भुगतान का विस्तार व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। ज्ञापन के अंत में संदेश दिया गया है— “UPI रहे सरल—व्यापार रहे सुगम, व्यापारी हित में MDR हो शून्य।”
जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, कोरबा की ओर से यह ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम प्रस्तुत किया गया
₹2,000 से अधिक UPI लेन-देन पर 0.4% MDR के फैसले पर पुनर्विचार की मांग, जिला चैंबर ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
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