कोरबा।
शहर में आज क्षत्रिय करणी सेना व छत्तीसगढ़ राजपूत समाज की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें रायपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर एवं उनके परिवार के साथ कथित अमानवीय व्यवहार, महिलाओं के साथ अभद्रता और गैरकानूनी कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि हाल ही में रायपुर में हुई घटना के दौरान पुलिस द्वारा न केवल वीरेंद्र सिंह तोमर को कथित रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि महिलाओं के साथ गलत व्यवहार किए जाने का भी आरोप सामने आया है। वक्ताओं ने इसे मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच न होने से जनता का विश्वास कानून-व्यवस्था से उठने लगता है।
✦ प्रमुख मांगे रखी गईं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्षत्रिय समाज ने निम्न प्रमुख मांगें रखीं—
- थाना प्रभारी सहित संबंधित पुलिस अधिकारियों पर त्वरित FIR दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई।
- CSP एवं थाना प्रभारी पर कठोर विभागीय जांच।
- पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच टीम का गठन।
- महिलाओं के साथ कथित अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई।
- पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराना।
- समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संस्थापक एवं अन्य पदाधिकारियों पर दर्ज FIR को निरस्त किया जाए।
✦ बड़ा आंदोलन की चेतावनी
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि शासन द्वारा त्वरित और ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तो 7 दिसंबर को रायपुर में प्रस्तावित बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
✦ शासन-प्रशासन को ज्ञापन भेजा गया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी बताया गया कि यह ज्ञापन राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग सहित उच्च न्यायालय के महाधिवक्ताओं को भी भेजा गया है, ताकि मामले की गंभीरता को सर्वोच्च स्तर पर संज्ञान में लिया जा सके।















