छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में गांजा जब्त किया है। सोमवार को पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बसंतपुर थाना क्षेत्र में मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर सीमा से लगे धनवार गांव के पास वाहनों की जांच अभियान चलाया गया। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका गया, जिसकी तलाशी लेने पर नारियल की भूसी के पीछे छिपाकर रखी गई 40 बोरियों में 1198.460 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक को जब्त कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
उत्तर प्रदेश के निवासी हैं आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान अमरीश कुमार, अम्बरीश कुमार पटेल और मनीष कुमार के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि तीनों युवकों की उम्र लगभग 30 वर्ष तक है और वे संगठित तरीके से सीमा पार नशे की तस्करी में सक्रिय थे। गांजा परिवहन के लिए ट्रक में नारियल की भूसी की परत के पीछे बोरे छिपाकर तस्करी की जा रही थी, ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके। लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से यह साजिश सफल नहीं हो पाई।
बाजार में कीमत 6 करोड़ रुपये, नेटवर्क की जांच जारी
जब्त किए गए गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 6 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह खेप उत्तर प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा के रास्ते अन्य राज्यों में सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उनके तस्करी नेटवर्क, फाइनेंसर और सप्लाई चेन की गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में नशा कारोबार को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।















