बालकोनगर (कोरबा) । अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन (एटक) द्वारा परसा भाटा से शुरू कर यूनियन कार्यालय तक, ‘दुनिया के मजदूरों एक हो’ जैसे गगनभेदी नारे के साथ एक विशाल रैली निकली गई।
रैली के यूनियन कार्यालय पहुंचने के बाद ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव कॉमरेड हरिनाथ सिंह ने एटक का ध्वज फहराकर सभी श्रमिक साथियों को मजदूर दिवस की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘मजदूर दिवस’ को मनाये जाने के कारण और उसके महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि मजदूर दिवस के महत्व को समझने के लिए हमें सर्वप्रथम वर्ष 1844 में हुए औद्योगिक क्रांति के कारण को विस्तार से समझना होगा। श्रमिकों द्वारा किए गए इस औद्योगिक क्रांति के कारण ही विश्व के कुछ पश्चिमी देशों में तकनीकी, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थितियों में काफी बदलाव आया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात वर्ष 1844 में वस्त्र उद्योग की मशीनीकरण के साथ आरंभ हुआ। उस समय वस्त्र उद्योग ही इस औद्योगिक क्रांति का प्रमुख कारण रहा। बाद में इस आंदोलन में लोहा, कोयला और अन्य खनिज उद्योग की श्रम शक्तियां भी सम्मिलित हुई। उस दौरान मजदूरों से 18 से 20 घंटा या सूर्योदय से सूर्यास्त तक काम कराया जाता था।
















