कोरबा जिले से इस वक्त बड़ी सियासी हलचल की खबर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजित वसंत को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाते हुए कहा, “गलत व्यक्ति को कलेक्टर बना दिया गया है।”
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब राज्यपाल रमेन डेका के कोरबा दौरे के दौरान कंवर की राज्यपाल से मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई, और उसके बाद शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों खेमों में बयानबाजी तेज हो गई है।
🔴 कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया
पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस को लेकर कहा:
“ना मैं कलेक्टर का कर्मचारी हूं और न ही मातहत। मुझे कोई निर्देश देने का अधिकार नहीं है कलेक्टर को।”
उन्होंने नोटिस की भाषा पर भी आपत्ति जताई।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी समर्थन देते हुए कहा कि:
“कलेक्टर की ओर से पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को दिया गया नोटिस अमर्यादित है, इसे तत्काल वापस लेना चाहिए। अफसरों को अपनी मर्यादा में रहकर कार्य करना चाहिए।”
⚠️ भाजपा में भी असंतोष: आदिवासी नेता के अपमान पर सियासत गरमाई
आदिवासी कांग्रेस कोरबा के अध्यक्ष निर्मल सिंह राज ने घटना को निंदनीय बताया और कहा कि:
“जब ननकीराम कंवर राज्यपाल से मिलने पहुंचे, उन्हें बैठने तक नहीं दिया गया। यह केवल एक व्यक्ति नहीं, पूरे आदिवासी समाज का अपमान है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि:
“क्या यही है भाजपा सरकार का आदिवासी सम्मान मॉडल? भाजपा अपने वरिष्ठ नेताओं को भी नजरअंदाज कर रही है।*
📸 फोटो ने खोली प्रशासनिक प्रोटोकॉल की पोल?
वायरल फोटो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जब राज्यपाल से ननकीराम कंवर मुलाकात कर रहे थे, उस समय जिला कलेक्टर पास में मौजूद थे, लेकिन न कंवर को बैठने को कहा गया और न ही उनका सम्मानजनक स्वागत किया गया। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
📌 प्रशासन की चुप्पी
फिलहाल कोरबा प्रशासन या कलेक्टर की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पूरे मामले ने कोरबा से रायपुर तक राजनीतिक पारा गरमा दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
✍️ रिपोर्ट: मनीष जायसवाल, JB News, कोरबा
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