बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर अब जानलेवा साबित होने लगा है। बिलासपुर में बुधवार रात हुई बारिश के बाद एक रिटायर्ड प्रोफेसर की करंट लगने से मौत हो गई। उनके घर में बारिश का पानी घुस गया था। जब उन्होंने इन्वर्टर का प्लग निकालने की कोशिश की, तो करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सिविल लाइन पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नेहरू नगर के स्वर्ण जयंती नगर निवासी 70 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर आलोक दीक्षित साइंस कॉलेज से रिटायर हुए थे। देर रात को शहर मे हुई बारिश और दोपहर को अचानक हुई बारिश ने उनके घर पर आफत ला दिया। दरअसल तेज बारिश से उनके घर में पानी भर गया। जिसके कारण पूरे घर में करंट फैल गया था। इसी बीच वे इन्वर्टर का प्लग निकालने घर से बाहर निकले थे और करंट की चपेट में आ गए। जब तक घर वाले उनके तक पहुंच पाते उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आनन फानन में घरवालों ने फिर भी अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया। मामले में सिविल लाइन पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
तेज बारिश के चलते पेंड्रा इलाके में भी हालात बिगड़ गए हैं। पानी के तेज बहाव में एक पुलिया बह गई, जिससे 6 गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कोरबा जिले में भी ग्रामीण क्षेत्र ने नदी नाले उफान पर हैं और कई गांव सम्पर्क विहीनहो गए हैं।
इस बीच, मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 6 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इनमें बलरामपुर, जशपुर, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेर शामिल हैं। इन इलाकों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
इसके अलावा 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट में बस्तर, दंतेवाड़ा, कोरिया, राजनांदगांव, रायगढ़ सहित अन्य जिले शामिल हैं, जबकि येलो अलर्ट रायपुर, महासमुंद, बेमेतरा, दुर्ग सहित कई जिलों में लागू है।
पिछले 24 घंटों में राज्य में औसतन 35 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हो सकती है।















