कोरबा। शहर के सीएसईबी चौक से होते हुए बुधवारी वीआईपी मार्ग पर प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहनों द्वारा रेत परिवहन लगातार जारी है। यह मार्ग अत्यंत संवेदनशील माना जाता है क्योंकि बुधवारी बाजार और आसपास निजी व शासकीय शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं। इसके बावजूद तेज रफ्तार से दौड़ते भारी वाहनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ज्ञात हो कि कुछ माह पूर्व लालघट मार्ग में प्रतिबंधित के बावजूद भी तेज रफ्तार रेत वाहन की चपेट में आने से तीन पहाड़ी कोरवा की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। उस घटना के बाद कुछ समय के लिए प्रशासन ने सख्ती जरूर दिखाई, किंतु पुनः स्थिति पूर्ववत हो गई है। यातायात नियमों एवं सुरक्षा मानकों के अनुसार ऐसे भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है, ताकि घनी आबादी वाले क्षेत्रों एवं शिक्षण संस्थानों के समीप दुर्घटना की आशंका से बचा जा सके। बावजूद इसके रेत कारोबार से जुड़े वाहन संचालक डीजल की बचत एवं दूरी कम करने के उद्देश्य से प्रतिबंधित मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जो नियमों की खुली अवहेलना है। स्थानीय नागरिकों व अभिभावकों द्वारा कई बार इस विषय को उठाया गया, किंतु अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। प्रशासन की यह उदासीनता कहीं किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण न दे दे, इसकी आशंका बनी हुई है। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह प्रतिबंधित मार्गों पर रेत परिवहन की गतिविधियों पर त्वरित संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि जन सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
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