कोरबा जिला जेल से 2 अगस्त की रात दीवार फांदकर फरार हुए चार बंदियों में से तीसरे आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दशरथ सिदार पिता प्रताप सिंह सिदार (उम्र 19 वर्ष), निवासी पोड़ीबहार नीचे मोहल्ला को आज कोरबा कोतवाली पुलिस ने धर दबोचा। वह कोरबा से बाहर भागने की फिराक में था, तभी मुखबिर की सूचना व तकनीकी पतासाजी के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे शहर छोड़ने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया।
इससे पहले मंगलवार को दो अन्य फरार बंदियों राजा कंवर और सरना सिंकू को रायगढ़ जिले से गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी थी और शेष फरार आरोपियों की तलाश में तकनीकी व मानवीय स्रोतों से लगातार दबिश दी जा रही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार दशरथ सिदार गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार स्थान बदल रहा था और कोरबा से बाहर निकलने की योजना बना रहा था, लेकिन मुखबिर तंत्र की सतर्कता और सर्विलांस टीम की सजगता के चलते उसे समय रहते दबोच लिया गया।
इस मामले में सीएसपी भूषण एक्का से पुष्टि के लिए उनके शासकीय मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, किंतु उनसे वार्ता नहीं हो सकी। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
🔍 अब भी फरार है चौथा आरोपी
इस प्रकरण में अब केवल एक बंदी चंद्रशेखर राठिया पिता सूरज प्रसाद राठिया (उम्र 20 वर्ष), निवासी कमतरा, थाना घरघोड़ा, जिला रायगढ़ ही फरार है। पुलिस का दावा है कि उसे भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
🧱 जेल ब्रेक मामला बना बड़ी लापरवाही का प्रतीक
गौरतलब है कि कोरबा जिला जेल से चार बंदी रात के अंधेरे में दीवार फांदकर फरार हो गए थे, जिससे जेल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे थे। इस घटना के बाद कड़ी कार्रवाई करते हुए जेल अधीक्षक व चार जेल प्रहरी निलंबित किए जा चुके हैं।
प्रशासन इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करा रहा है और जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस अब चौथे फरार बंदी की तलाश में अंतिम दौर की कार्रवाई कर रही है, जिससे जल्द ही पूरे जेल ब्रेक प्रकरण का पटाक्षेप संभव है।















