कोरबा, 02 सितंबर। जिले के शिक्षा विभाग में निःशुल्क शिक्षा अधिकार (RTE) योजना के नाम पर 11.36 लाख रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है। तुलसीनगर स्थित गौरव युवा मंडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ने उन बच्चों के नाम पर दाखिले दिखाए जो या तो वर्षों पहले ही पढ़ाई पूरी कर चुके थे या फिर कभी इस स्कूल में पढ़े ही नहीं।
फर्जी छात्रों के नाम पर निकली राशि
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2022-23 और 2023-24 में विद्यालय ने 129 बच्चों के नाम भेजे थे, जिनमें से 56 नाम फर्जी पाए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन बच्चों के नाम पर शासन से राशि निकाली गई, वे 2011 से 2017 के बीच 12वीं की पढ़ाई पूरी कर चुके थे। इस फर्जीवाड़े से शासन को कुल 11.36 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने मामले में जांच के बाद स्कूल प्रबंधन पर शिकंजा कसते हुए पूरी रकम वसूलने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही, एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
मान्यता पर सवाल
हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि फर्जीवाड़ा साबित होने के बावजूद विद्यालय की मान्यता अब तक रद्द क्यों नहीं की गई? सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर जानबूझकर देरी की जा रही है और विद्यालय प्रबंधन को अवसर देकर मामले को खींचा जा रहा है।

जनता को हो रहा नुकसान
कोरबा जिले में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। चाहे जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया हो या शिक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन, दोनों ही मामलों में सरकार और जनता को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। अब देखना यह होगा कि इस घोटाले में कार्रवाई कितनी पारदर्शी और ठोस तरीके से की जाती है।















