JB NEWS KORBA — रिपोर्ट: मनीष जायसवाल.
कोरबा। शहर में ट्रैक्टरों के माध्यम से ईंट, बालू और गिट्टी का परिवहन धड़ल्ले से हो रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन ट्रैक्टरों में नंबर क्यों नहीं हैं? क्या यह जिला परिवहन अधिकारी (आरटीओ) विभाग की लापरवाही नहीं है?
स्थानीय स्तर पर देखा गया कि कई ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के शहर में कमर्शियल उपयोग में लाए जा रहे हैं। यह न केवल परिवहन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा और कानूनी दृष्टि से भी गंभीर मामला है।
JB NEWS KORBA के संवाददाता मनीष जायसवाल ने मौके पर जाकर तस्वीरें लीं, जिनमें साफ दिखाई दे रहा है कि अधिकांश ट्रैक्टर बिना नंबर के सड़क पर दौड़ रहे हैं।
आरटीओ अधिकारी से जब इस मामले पर सवाल किया गया तो उन्होंने केवल आश्वासन दिया कि “जल्द कार्रवाई की जाएगी।” लेकिन हकीकत यह है कि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वहीं, दोपहिया वाहनों पर जहां तुरंत कार्रवाई होती है, वहीं ट्रैक्टरों के मामले में प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
ट्रैक्टरों के नंबर न होने से न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि फिटनेस, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र जैसी अनिवार्य प्रक्रियाएं भी अधूरी हैं। कई जगहों पर नाबालिग चालक भी ट्रैक्टर चलाते देखे जा रहे हैं, जो दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाता है।

JB News Korba के माध्यम से मनीष जायसवाल ने एक बार फिर सवाल उठाया है —
👉 आखिर ट्रैक्टरों में नंबर क्यों नहीं हैं?
👉 आरटीओ विभाग अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
👉 क्या यह जानबूझकर की जा रही लापरवाही नहीं है?
जमीनी सच्चाई यह है कि कोरबा की सड़कों पर नियमों की अनदेखी खुलेआम हो रही है — अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन कब जागता है।
— रिपोर्ट: मनीष जायसवाल, JB News Korba















