बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में मरीजों को निजी अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहे एक युवक को सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। डीन का कहना है कि बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
यह घटना बुधवार सुबह लगभग 6 बजे की है। सिम्स के टाइज वार्ड में उसलापुर में रहने वाला अभिषेक निर्मलकर मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत करते हुए पाया गया। सुरक्षाकर्मियों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ।
इसके बाद सुरक्षा सुपरवाइजर लघु शर्मा को सूचना दी गई। सुरक्षा टीम ने मौके पर पहुंचकर अभिषेक से पूछताछ की। उसकी गतिविधियों की पुष्टि होने पर उसे सिम्स चौकी के माध्यम से सिटी कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया।
मरीजों का हित सर्वोपरि- डॉ. रमणेश मूर्ति
इस घटना पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्थान में मरीजों का हित सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी बाहरी व्यक्ति की ओर मरीजों को गुमराह करने या उनके उपचार में बाधा डालने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मरीजों को भ्रमित करने वालों पर प्रशासन सख्त
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह का कहना है कि सिम्स में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में किसी भी बाहरी व्यक्तियों का मरीजों को भ्रमित करने की कोशिश गंभीर अपराध है। प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाया है और भविष्य में इस तरह की हरकत करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वार्डों में नियमित गश्त हो रही
सुरक्षा सुपरवाइजर लघु शर्मा ने बताया कि सभी वार्डों में नियमित गश्त की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दी जा रही है। वहीं, सिम्स प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत सुरक्षा विभाग या अस्पताल प्रशासन को दें। ताकि मरीजों की सुरक्षा और सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।















