कोरबा। कुसमुंडा क्षेत्र की चर्चित नीलकंठ इंफ्रा माइनिंग लिमिटेड पिछले चार वर्षों से कुसमुंडा खदान में मिट्टी उत्खनन एवं कोयला उत्खनन का कार्य कर रही है। कंपनी के तहत वर्तमान में पाली, पड़निया, जटराज, सोनपुरी, बरकुटा, रिसदी, खोडरी, खैरभावना, बरपाली, गेवरा बस्ती सहित आसपास के लगभग 825 से अधिक स्थानीय लोग कार्यरत हैं।
कंपनी का कहना है कि उसने सदैव स्थानीय युवाओं को कुशलता एवं योग्यता के आधार पर अधिकतम रोजगार प्रदान किया है। नीलकंठ कंपनी के अनुसार, कुछ लोग कंपनी की छवि धूमिल करने और राष्ट्रहित में हो रहे उत्पादन कार्य में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं, जो विकास की प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न कर रहा है।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि सभी नियुक्तियां एस.ई.सी.एल कुसमुंडा कार्यालय द्वारा गठित समिति की अनुशंसा और सूची के अनुसार पारदर्शिता से की जाती हैं। किसी भी प्रकार की सीधी भर्ती (डायरेक्ट भर्ती) कंपनी द्वारा नहीं की जाती।
दिनांक 28 अक्टूबर 2024 को एस.ई.सी.एल महाप्रबंधक, एसडीएम कटघोरा, पार्षद, सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई सामूहिक बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि आगे से नियुक्तियों में स्थानीय प्रभावित ग्रामों का 70% एवं कंपनी का 30% नियमानुसार चयन किया जाएगा। नीलकंठ कंपनी ने बताया कि वह इस निर्णय का ईमानदारीपूर्वक पालन कर रही है।
कंपनी ने बताया कि नीलकंठ आज लोगों की पहली पसंद इसलिए भी है क्योंकि यहां कर्मचारियों को समय पर वेतन, बोनस, राष्ट्रीय अवकाश वेतन, वेतन पर्ची, परिचय पत्र (आईडी कार्ड), सुरक्षा उपकरण तथा 8 घंटे कार्य अवधि के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में सहभागिता जैसे सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं।
अंत में, कंपनी ने स्थानीय लोगों से आग्रह किया है कि नियुक्ति हेतु सीधे नीलकंठ कंपनी के किसी भी प्रबंधक पर दबाव न डालें, बल्कि पहले एस.ई.सी.एल कुसमुंडा कार्यालय में आवेदन जमा करें। सूची सत्यापन के बाद ही चयन की प्रक्रिया संपन्न होगी।
आदेशानुसार,
वाइस प्रेसिडेंट (माइनिंग)
मेसर्स नीलकंठ इंफ्रा माइनिंग लिमिटेड, कुसमुंडा, कोरबा















