धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी में संविधान दिवस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं के बीच बड़ा बवाल हो गया. सचिन पायलट के मंच से उतरते ही पूर्व जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र अजमानी ने महापौर की टिकट में दलाली का मामला उठाया, लेकिन पायलट ने उनकी बात नहीं सुनी. इसके बाद अजमानी और वर्तमान अध्यक्ष कैमरे के सामने ही आपस में भिड़ गए और एक-दूसरे पर भद्दे आरोप लगाए.

विवाद इतना बढ़ता चला गया कि बातचीत न सुनने से नाराज़ पूर्व उपाध्यक्ष अजमानी और वर्तमान जिला अध्यक्ष आमने-सामने हो गए. इस दौरान दोनों ने मीडिया के कैमरे के सामने ही तीखी बहस करना शुरू कर दिया. वहीं दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर भद्दे आरोप लगा दिए. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कार्यकर्ताओं को बीच-बचाव करना पड़ा. मौके पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने स्थिति संभालने की कोशिश की. हंगामे और बदसलूकी के बाद कांग्रेस ने कार्रवाई करते हुए देवेंद्र अजमानी को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया.
खुलकर दिखी गुटबाज़ी
इधर कार्यक्रम स्थल पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज मौजूद थे. नेताओं की मौजूदगी में हुए इस विवाद ने पूरे कार्यक्रम की गंभीरता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. धमतरी की राजनीतिक सियासत में यह नया विवाद क्या नया मोड़ देगा और पार्टी इस गुटबाज़ी पर क्या कार्रवाई करेगी.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बुधवार को सचिन पायलट कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए धमतरी पहुंचे थे. यहां कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी की कमजोरियों को उजागर किया जिसके बाद हंगामा होने लगा. देवेंद्र अजमानी ने आरोप लगाया कि धमतरी में आज बीजेपी का मेयर इसलिए है कि महापौर चुनाव में डमी प्रत्याशी खड़ा नहीं करने के लिए पार्टी के जिला अध्यक्ष के साथ पैसे का लेन-देन हुआ था.















