रायपुर समेत कई जिलों में सर्दी लौटी, अगले 24 घंटों में 1-2°C तक पारा गिरने की संभावना; बंद कमरों में कोयला जलाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की सख्त चेतावनी
रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच कड़ाके की ठंड एक बार फिर लौट आई है। राजधानी रायपुर समेत राज्य के कई अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी कमी दर्ज की गई है, जिसके चलते मौसम विभाग ने कई स्थानों पर शीतलहर (Cold Wave) चलने की चेतावनी जारी की है। इस गंभीर मौसम की स्थिति को देखते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ ने आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक विस्तृत एडवाइजरी (दिशा-निर्देश) जारी की है।
चक्रवात ‘दितवाह’ का असर
मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ चक्रवात दितवाह (Ditwah)तेजी से ताकत पकड़ रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने इस डीप प्रेशर एरिया का सीधा असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इस मौसमी बदलाव के कारण ठंड में बढ़ोतरी होगी। आगामी 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 1-2°C तक गिरावट होने की संभावना है, जिसके बाद अगले दो दिनों तक कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा। चक्रवात के प्रभाव से बस्तर संभाग में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर बारिश होने की भी आशंका है। इन मौसमी कारकों के चलते शीतलहर की स्थिति गंभीर हो सकती है।
सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य एडवाइजरी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बढ़ती ठंड के खतरों को देखते हुए आम जनता से निम्नलिखित सुरक्षात्मक उपायों का पालन करने की अपील की है:सावधानी का प्रकारदिशा-निर्देशबाहर निकलनाअत्यधिक ठंड के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। यदि संभव हो, तो यात्रा को स्थगित करें।गर्म वस्त्रठंड से बचने के लिए गर्म वस्त्रों का नियमित और बहु-परतीय (Multi-Layer) उपयोग करें। सिर, कान, हाथ और पैर को ठीक से ढक कर रखें।आहार और पेयशरीर का तापमान बनाए रखने के लिए गर्म और पौष्टिक तरल पदार्थों का नियमित सेवन करें। ठंडे पेय और खाद्य पदार्थों से बचें।विशेष सतर्कताबच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को इस मौसम में विशेष देखभाल और सतर्कता बरतनी चाहिए।त्वरित चिकित्सालगातार ठिठुरन, सुन्नता या उंगलियों के सफेद पड़ने जैसे लक्षण दिखने पर बिना देरी किए तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
बंद कमरों में आग सेंकने पर सख्त चेतावनी
विभाग ने जीवन के लिए सबसे बड़े खतरे के प्रति नागरिकों को सचेत किया है। बंद कमरे में कोयला, अंगीठी या हीटर जलाने को अत्यंत खतरनाक बताया गया है।
- जानलेवा गैस: कोयला या अंगीठी जलाने पर कार्बन मोनोऑक्साइड नामक एक जानलेवा गैस निकलती है। बंद स्थान में यह गैस जमा होकर व्यक्ति को बिना किसी पूर्व सूचना के बेहोश कर सकती है और अंततः मौत का कारण बन सकती है।
- सुरक्षित उपाय: अधिकारियों ने नागरिकों को निर्देश दिया है कि आग जलाते समय कमरे में उचित वेंटिलेशन (हवा आने-जाने की व्यवस्था) बनाए रखना नितांत आवश्यक है और किसी भी स्थिति में बंद स्थान पर कोयला या लकड़ी नहीं जलानी चाहिए।
हाइपोथर्मिया: गंभीर चिकित्सा स्थिति
विभाग ने हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान अत्यधिक कम हो जाना) के खतरों और उसके उपचार पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।
- लक्षण: हाइपोथर्मिया के लक्षणों में लगातार कंपकंपी, बोलने में कठिनाई, त्वचा का पीलापन/ठंडापन, सांसों की धीमी गति, मांसपेशियों में जकड़न और गंभीर होने पर बेहोशी शामिल है।
- उपचार: ऐसी स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत गर्म स्थान पर ले जाना, सूखे कपड़े पहनाना, कंबल से ढकना, और बिना किसी देरी के चिकित्सकीय उपचार दिलाना अत्यंत आवश्यक है।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने और बेघरों के लिए रैन बसेरों को सक्रिय रखने के निर्देश जारी किए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सर्दी से जुड़े खतरों को हल्के में न लें और सुरक्षात्मक उपायों का सख्ती से पालन करें।















