कोरबा से इस वक्त एक बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया है,
जहां आबकारी विभाग से जुड़े लोगों पर मारपीट, अवैध वसूली और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
मामला उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भैसमा, पहरीपारा का है,
जहां एक झड़प के बाद एक ग्रामीण की मौत ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।
घटना शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे की है,
जब आबकारी विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ।
देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
सूचना मिलने पर उरगा पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को किसी तरह काबू में लिया।
लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।
इसी घटना के कुछ घंटों बाद,
रात करीब 8:30 बजे गांव के ही नंदलाल नागशिया की मौत हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि
जब उनके भतीजे के साथ मारपीट हो रही थी,
उसी दौरान नंदलाल नागशिया अत्यधिक मानसिक तनाव में आ गए,
और बाद में उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद शनिवार को
ग्राम भैसमा पहरीपारा के ग्रामीण और बड़ी संख्या में महिलाएं
उरगा थाना पहुंचीं
और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
ग्रामीणों ने आबकारी विभाग से जुड़े
प्रमोद देवांगन और मनोज देवांगन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ये दोनों
खुद को एसपी बताकर
महुआ शराब बनाने के नाम पर
हर महीने अवैध वसूली करने आते थे।
आरोप यह भी है कि
शराब नहीं मिलने पर
ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया जाता था।
दुर्गेश कुमार नगेशिया (22 वर्ष) ने थाना उरगा में दर्ज शिकायत में बताया कि 19 दिसंबर 2025 को उनके बड़े पापा मनबहार नगेशिया के निधन के बाद घर में वंशनात्र कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान दोपहर करीब 3 बजे एक व्यक्ति मनोज कुमार देवांगन, जो स्वयं को आबकारी विभाग का मुखबिर बताता है, अपने साथी प्रमोद कुमार देवांगन के साथ उनके घर पहुँचा।
आरोप है कि दोनों ने घर में शराब होने का आरोप लगाया, जिसे पीड़ित ने सिरे से नकार दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने पीड़ित को घर के बाहर बुलाकर “तुम्हारे नाम से केस बना दूँगा” कहते हुए माँ-बहन की अश्लील गालियाँ दीं और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। मारपीट में दुर्गेश कुमार के गाल और जांघ के पीछे चोट आई।
मारपीट में दुर्गेश कुमार और बीच-बचाव करने आए
संजय कुमार यादव को भी चोटें आई हैं।
इतना ही नहीं,
महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है।















