कोरबा।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने धान खरीदी में भारी गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में धान घोटाले की जांच बेहद जरूरी हो गई है।
मुकेश राठौर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के दौरान करोड़ों रुपये का धान कथित तौर पर “चूहे खा गए”, जो अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल एक ही मामले में करीब 7 करोड़ रुपये के धान के नुकसान की बात सामने आई है। राठौर ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और यह स्पष्ट हो सके कि यह “चूहा” आखिर कितना बड़ा है।
मुकेश राठौर ने शासन से मांग की कि धान खरीदी की अवधि को कम से कम 15 दिन और बढ़ाया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में कई धान खरीदी केंद्रों में किसान अभी भी अपना धान नहीं बेच पाए हैं और लगातार परेशान हो रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया, तो कांग्रेस किसानों के हित में आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगी।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि सरकार की लापरवाही के चलते जिले के किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था का आलम यह है कि किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल पा रहा है और न ही धान की खरीदी सुचारू रूप से हो रही है।

मुकेश राठौर ने आरोप लगाया कि कई खरीदी केंद्रों में बारदाना, कर्मचारियों की कमी और भुगतान में देरी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसान ठंड और कठिन परिस्थितियों में घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर हैं, फिर भी उनकी उपज नहीं खरीदी जा रही।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शासन द्वारा धान खरीदी की तिथि तत्काल नहीं बढ़ाई गई और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस किसानों के हित में आंदोलन को और तेज करेगी।
















