कोरबा, 26 फरवरी 2026।
कोरबा-चांपा मार्ग पर स्थित कोरबा पॉवर लिमिटेड की विस्तार परियोजना से जिले में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती की उम्मीद है। कंपनी द्वारा तीसरे चरण में 1600 मेगावाट (MW) क्षमता की नई इकाइयों की स्थापना के लिए 27 फरवरी को पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु जनसुनवाई आयोजित की जा रही है।
यह परियोजना अडाणी पावर लिमिटेड समूह के अंतर्गत संचालित है। पूर्व में यह संयंत्र लैंको अमरकंटक पॉवर लिमिटेड के नाम से संचालित था, जिसका अधिग्रहण होने के बाद इसका नाम कोरबा पॉवर लिमिटेड रखा गया।
वर्तमान और प्रस्तावित क्षमता
कोरबा जिले के ग्राम पताढ़ी स्थित इस संयंत्र की वर्तमान उत्पादन क्षमता 600 मेगावाट है। दूसरे चरण के तहत 660-660 मेगावाट की दो इकाइयाँ (यूनिट 3 और 4) स्थापित की जा रही हैं। यूनिट 3 की कमिशनिंग मार्च 2026 में प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसके अप्रैल-मई में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद यूनिट 4 को चालू किया जाएगा।
तीसरे चरण में 800-800 मेगावाट क्षमता की दो नई इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी, जो अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होंगी। तीसरा चरण पूर्ण होने के बाद संयंत्र की कुल क्षमता बढ़कर 3520 मेगावाट हो जाएगी।
₹16,611 करोड़ का निवेश, जमीन की जरूरत नहीं
तीसरे चरण की अनुमानित लागत 16,611 करोड़ रुपये है। कंपनी के पास पहले से 505.58 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है, इसलिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी।
रोजगार और आर्थिक प्रभाव
कंपनी के अनुसार निर्माण चरण में 230 स्थायी और 5368 संविदा सहित कुल 5598 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं संचालन चरण में 270 स्थायी और 2000 संविदा कर्मी कार्यरत रहेंगे।
इस विस्तार परियोजना से जिले और राज्य के राजस्व में वृद्धि होने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बताया गया है कि भविष्य में 1600 मेगावाट क्षमता की अतिरिक्त इकाइयों (6 और 7 नंबर) की स्थापना की भी योजना पर विचार किया जा रहा है।
— JB News Korba
Manish Jaiswal JB















