छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि कुख्यात नक्सली पापा राव आज अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण करने जा रहा है। पापा राव के सरेंडर के बाद प्रदेश में नक्सलवाद के लगभग समाप्त होने का दावा किया जा रहा है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार पहले ही 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की घोषणा कर चुकी है। इसी दिशा में सरकार लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है। पुनर्वास नीति के तहत बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं और हथियार डाल रहे हैं। वहीं, कई नक्सली मुठभेड़ों में मारे भी गए हैं।
31 मार्च की डेडलाइन नजदीक आने के साथ ही सुरक्षा बलों और सरकार की सक्रियता और तेज हो गई है। इसके चलते अब बड़े और कुख्यात नक्सली भी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। इसी क्रम में 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली पापा राव का सरेंडर अहम माना जा रहा है।
विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पापा राव बस्तर क्षेत्र में सक्रिय रहा है और छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर भी उसका प्रभाव रहा है। वह करीब ढाई दशकों से नक्सली गतिविधियों में शामिल रहा और कई मुठभेड़ों में शामिल होने के बावजूद हर बार बच निकलता था। उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी पापा राव से बातचीत हुई, जिसके बाद उसने सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।
गृहमंत्री ने दावा किया कि पापा राव के सरेंडर के बाद प्रदेश में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि बड़े नक्सली या तो आत्मसमर्पण कर चुके हैं या मारे जा चुके हैं। अब यदि एरिया कमेटी स्तर के कुछ नक्सली बचे भी हैं, तो वे हथियार और वर्दी छोड़कर अन्य स्थानों पर छिपे या सामान्य जीवन जी रहे होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास अभी सात दिन का समय शेष है और इस दौरान शेष बचे नक्सलियों को भी पुनर्वास योजना के तहत मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ पूरी तरह नक्सलमुक्त हो सके।















