कोरबा।शहर में इन दिनों चल रही पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा से ज्यादा चर्चा अब भक्तों के बीच हुए विवाद की हो रही है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया रील बनाने और बाबा से मुलाकात को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते इज्जत का सवाल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, हनुमंत कथा के लिए कोरबा पहुंचे पंडित धीरेंद्र शास्त्री कटघोरा स्थित अग्रसेन भवन में ठहरे हुए हैं। बीती रात विश्व हिंदू परिषद से जुड़े नेता और आयोजन से जुड़े अमरजीत सिंह अपने समर्थकों के साथ उनसे मिलने पहुंचे। इसी दौरान कथित तौर पर जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल के लोगों ने मुलाकात को लेकर आपत्ति जताई और उन्हें रोक दिया।
बस इसी बात पर माहौल गर्म हो गया। पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद लोगों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई।
घटना की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। अब हाल यह है कि जहां एक तरफ कथा चल रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर में चर्चा भक्तों के बीच हुए इस विवाद की ज्यादा हो रही है।
इस संबंध में कटघोरा थानेदार डीएन तिवारी ने कहा कि आपसी विवाद की जानकारी मिली है। अभी तक किसी पक्ष शिकायत नही मिली है। शिकायत मिले तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा में क्यों कर रहा प्रचार..?
कोरबा जिले में हो रही कथा की तैयारी के अंतिम दौर में एकाएक बसंत अग्रवाल के सामने आ जाने और प्रचार-प्रसार करने को लेकर लोगों के बीच सुगबुगाहट बढ़ने लगी कि उसका यहां क्या काम? इस बात की अपुष्ट चर्चा तेज हुई है कि उसने (कथित तौर पर) कथा के लिए बड़ा फंडिंग किया है, वह पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के बहुत करीबियों में है व छत्तीसगढ़ में उनकी कथा वही तय कराता है। सब कुछ अपनी जगह सही हो तब भी कोरबा के मामले में उसका रवैया संदेहास्पद है। क्या वह कोरबा में भी अपना खेल रचने की साजिश कर रहा है? माना जा रहा है मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी के साथ अपनी तस्वीरों का फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर लगवा कर वह कोरबा जिले में कथा आयोजकों पर हावी होने की कोशिश करने, कार्यक्रम को हाईजैक करने के साथ-साथ खुद को एक्सपोज करने में लगा हुआ है। सवाल तो उठा ही है कि आखिर वह कोरबा में अपना प्रचार क्यों कर रहा है…?















