कोरबा। वन मंडल कटघोरा के केंदई रेंज में करंट से मादा भालू और दो शावकों की मौत के बाद बिजली खंभे को लेकर जांच शुरू हो गई है। वन विभाग बिजली खंभे को अवैध बता रहा है। दूसरी ओर बिजली विभाग भी बचाव की तैयारी में जुटा है।
भालुओं की मौत के मामले में गिरफ्तार लाइनमैन रामप्रताप सरोठिया को शनिवार को कटघोरा न्यायालय से जमानत मिल गई। जानकारी के अनुसार बिजली लाइन लगाने के मामले में पता चला कि 2016 में सलईगोट गांव को रोशन करने 11 केवी लाइन खींची गई थी। उस समय वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी जनता यूनियन ने भी वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। यूनियन का कहना है कि लाइनमैन का काम बिजली में किसी प्रकार की खराबी आए, तो सुधार करना होता है। बिजली खंभे लगाना विभाग का काम है। इसके बाद भी लाइनमैन को ही दोषी बता दिया गया। पेड़ की डाल गिरने से बिजली का तार टूटा था। सूचना के बाद लाइनमैन मौके पर पहुंचा था। वन विभाग ने अपनी गलती छिपाने के लिए फोटो और वीडियो डिलीट करा दिए। यूनियन के अनुसार भालुओं की मौत के लिए वन विभाग के अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। यूनियन ने कलेक्टर को निष्पक्ष जांच के लिए पत्र सौंपा है। जांच नहीं होने पर आंदोलन की तैयारी भी की जा रही है।
3 भालुओं की मौत के बाद बिजली खंभे को लेकर जांच शुरू, छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी जनता यूनियन ने वन विभाग की कार्रवाई पर उठाए हैं सवाल
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