कोरबा। प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग पर सकालो के जंगल में सोमवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही कार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में कार में सवार एकइरा भगत (45), उनकी पत्नी मानमती (40) और उनके बेटे राहुल भगत (22) की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक हादसा सोमवार सुबह की है, जब कार क्रमांक सीजी 30 जी-3930 में सवार होकर सभी लोग कुसमुंडा एसईसीएल से अपने गांव चौरा (राजपुर) जा रहे थे। तभी यह हादसा हुआ। हादसे के बाद राहुल, कइरा व मानमती कार के अंदर ही बेहोश पड़े थे। घायल सोनू किसी तरह बाहर निकला और मोबाइल पर कॉल कर घर पर घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों की सूचना पर गांधी नगर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार के भीतर फंसे तीनों को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। पिता कइरा भगत की जमीन के बदले छोटे बेटे राहुल को एसईसीएल में जनरल मजदूर के पद पर नौकरी लगी थी। उसकी पोस्टिंग अभी कोरबा जिले के कुसमंडा कॉलरी में थी, जहां वह पत्नी के साथ रहता था। सोनू केरकेट्टा भी एसईसीएल कुसमुंडा में है। उसे भी जमीन के बदले नौकरी मिली है। वह भी चौरा राजपुर का रहने वाला है। कइरा भगत और पत्नी मानमति कुछ महीने से छोटे बेटे राहुल के यहां कुसमुंडा में रह रहे थे।
कार चला रहे सोनू ने बताया कि हम लोग कुसमुंडा से रविवार रात 1 बजे गृह ग्राम चौरा जाने निकले थे। कार की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे थी। राहुल सामने की सीट पर बैठा था। मैं कार चला रहा था। सुबह 5 बजे हम अंबिकापुर के आगे सकालो जंगल पहुंचे थे। आधे घंटे में गांव पहुंच जाते। इस बीच सामने से ट्रक तेजी से आया। बचने मैंने बांयी तरफ कार मोड़ी, पर तब तक ड्राइवर ने ट्रक मेरी तरफ मोड़ा और कार को टक्कर मार दी। टक्कर से एयर बैलून खुलते ही फट गया। पीछे बैठे कइरा भगत व मानमती बेहोश हो गए। राहुल भी बेहोशी की हालत में था। मैं होश में था। मैने घर में फोन कर घटना की जानकारी दी। घटना के बाद किसी ने ट्रक में आग लगा दी। जिसे दमकल की मदद से बुझाया गया।















