HTPP को 18 करोड़ से अधिक का जुर्माना, हसदेव नदी प्रदूषण पर एरिगेशन सख्त,पर्यावरण विभाग और नगर निगम भी लगा सकते हैं अलग से जुर्माना

Must Read

कोरबा 12 अप्रैल 2026।राख परिवहन और पर्यावरणीय लापरवाही का मामला अब बड़ा रूप ले चुका है। शंकर इंजीनियरिंग की कार्यप्रणाली ने एचटीपीपी प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जहां गड़बड़ियों का खामियाजा सीधे सरकारी विभागों को भुगतना पड़ रहा है।

हसदेव नदी के जल प्रदूषण को लेकर जल संसाधन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के ईई एसएन साय ने एचटीपीपी प्रबंधन पर 18 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब नगर निगम आयुक्त द्वारा कटघोरा एसडीएम को लिखे गए पत्र में नदी में मिल रहे दूषित पानी को तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए थे।

मामले की जड़ में राख परिवहन से जुड़ा बड़ा खेल सामने आ रहा है। आरोप है कि राखड़ डेम से राख निकाले बिना ही फर्जी बिल तैयार किए गए। यानी काम जमीन पर नहीं हुआ, लेकिन कागजों में पूरा दिखाकर भुगतान उठा लिया गया। इस पूरे खेल में ठेकेदार और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की चर्चा तेज है।जिसकी जल्द ही खुलासा होने की संभावना है।

ठेकेदार की लापरवाही और कथित साठगांठ का बोझ एचटीपीपी प्रबंधन पर आ गिरा है, जबकि पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई भी सरकारी सिस्टम को करनी पड़ रही है।

जानकारी के मुताबिक अब पर्यावरण विभाग और नगर निगम कोरबा भी भारी भरकम जुर्माना लगा सकती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस पूरे मामले में जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी, या फिर मामला सिर्फ नोटिस और जुर्माने तक ही सीमित रह जाएगा।

- Advertisement -
Latest News

स्वर कोकिला आशा भोसले का निधन, संगीत जगत में शोक की लहर…

मुंबई। भारतीय संगीत जगत के लिए बेहद दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92...

More Articles Like This