कोरबा। स्वर्गीय तुलसीराम देवांगन जी की पावन स्मृति में आयोजित रात्रिकालीन राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता ने जिले में खेल भावना और प्रतिभा को नई ऊर्जा प्रदान की।

13 अप्रैल 2026 से प्रारंभ इस भव्य प्रतियोगिता का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री (उद्योग,श्रम,वाणिज्य,सार्वजनिक उपक्रम,आबकारी) मा.श्री लखनलाल देवांगन जी के करकमलों से हुआ।
इस अवसर पर कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी सिंह राजपूत, जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
आयोजक “तुलसी शिक्षा एवं सेवा समिति” के अध्यक्ष अंकित यादव के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य कोरबा सहित प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना रहा।

प्रतियोगिता में कुल 16 टीमों ने भाग लेकर अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
रात्रिकालीन आयोजन होने के कारण दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में खेल का माहौल जीवंत बना रहा।
इस प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण फाइनल मुकाबला रहा, जो मितान एफसी कुसमुंडा और एसीबी दीपिका के बीच खेला गया।

रोमांचक मुकाबले में दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंततः पेनल्टी शूटआउट में मितान एफसी कुसमुंडा ने एसीबी दीपिका को पराजित कर विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।
वहीं, अंडर-14 बालक वर्ग के फाइनल मुकाबले में बालको खेल अकादमी और अल्फा 11 एफसी के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, जिसमें बालको खेल अकादमी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

19 अप्रैल 2026 को आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कोरबा नगर निगम महापौर संजू देवी सिंह राजपूत उपस्थित रहीं।
उनके साथ डॉ. राजीव सिंह (सह प्रभारी(रायपुर),भाजपा), प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल, पार्षद रामाधार पटेल एवं पार्षद राकेश वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि,एवं वरिष्ठ पदाधिकारी गण ,समाज सेवी मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस आयोजन ने न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया, बल्कि कोरबा जिले में फुटबॉल के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया।
क्रिकेट के प्रति देश में व्यापक आकर्षण के बीच फुटबॉल जैसे खेलों को बढ़ावा देने की यह पहल निश्चित ही सराहनीय है।
आयोजक समिति ने इस सफल आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि यदि निरंतर ऐसे प्रयास किए जाएं, तो कोरबा के खिलाड़ी राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।















