स्कूल बस हादसे में 3.32 लाख की क्षतिपूर्ति राशि नहीं चुकाने पर सरस्वती विद्यालय कुसमुंडा की संपत्ति कुर्क, वाहन और सामान जब्ती के वारंट जारी
कोरबा। न्यायालय अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एफटीसी) कोरबा की पीठासीन अधिकारी सीमा प्रताप चंद्रा के न्यायालय में लंबित मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति प्रकरण में बड़ा आदेश पारित किया गया है। न्यायालय ने सरस्वती बाल कल्याण समिति कुसमुंडा एवं सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा के खिलाफ 3 लाख 32 हजार 550 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि एवं आवेदन तिथि से अदायगी तक 6 प्रतिशत ब्याज की वसूली के लिए कुर्की वारंट जारी किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला 22 अप्रैल 2024 की सुबह लगभग 10:30 बजे का है। घायल निलेश्वर सोनी दीपका से एक सवारी ऑटो में बैठकर कोरबा आ रहे थे। इसी दौरान कुसमुंडा-खम्हरिया कोरबा मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के पास विपरीत दिशा से आ रही सरस्वती बाल कल्याण समिति कुसमुंडा, सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा की टाटा विंगर बस क्रमांक CG 12 BQ 9871 के चालक रमेश सिंह कंवर ने तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए ऑटो को टक्कर मार दी।
हादसे में निलेश्वर सोनी के सिर, दाहिनी आंख, गला, पसली, पीठ और कमर में गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के कारण उनकी कमर की नसें भी क्षतिग्रस्त हो गईं और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। वहीं ऑटो में सवार एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद घायल निलेश्वर सोनी द्वारा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) कोरबा में क्षतिपूर्ति दावा प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दुर्घटनाग्रस्त स्कूल बस के पास वैध परमिट नहीं था। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने सरस्वती बाल कल्याण समिति कुसमुंडा के खिलाफ 3,32,550 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि एवं 6 प्रतिशत ब्याज अदा करने का आदेश पारित किया।
न्यायालय के आदेश के बावजूद संबंधित संस्था द्वारा क्षतिपूर्ति राशि जमा नहीं किए जाने पर अब न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा एवं सरस्वती बाल कल्याण समिति कुसमुंडा की चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कुर्की वारंट के तहत दोपहिया, चारपहिया, छह पहिया एवं 10 पहिया वाहनों सहित विद्यालय कार्यालय में लगे एसी, कूलर, पंखा, फ्रिज, टीवी और अन्य मूल्यवान सामानों की जब्ती कर राशि वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
प्रकरण में आवेदक निलेश्वर सोनी की ओर से अधिवक्ता श्यामल मल्लिक ने न्यायालय में पक्ष प्रस्तुत किया।















