बिलासपुर,16 जून । भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में सोमवार 16 जून 2026 से ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2026’ का शुभारंभ किया गया। 16 जून से 30 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान की शुरुआत एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम से हुई, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।Maps
एसईसीएल मुख्यालय स्थित प्रशासनिक भवन के आगंतुक कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) हरीश दुहन ने सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंक्लिन जयकुमार, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख, अधिकारी-कर्मचारी और श्रमसंघ प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि संस्थागत संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण प्रत्येक नागरिक और कर्मचारी का दायित्व है तथा जनसहभागिता के माध्यम से ही स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने कार्यस्थलों, आवासीय परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
एसईसीएल प्रबंधन के अनुसार स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के दौरान कंपनी की सभी खदानों, क्षेत्रों, इकाइयों और प्रतिष्ठानों में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रम, सफाई अभियान, वृक्षारोपण, स्वच्छता रैलियां, संवाद कार्यक्रम और अन्य सहभागिता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय समुदायों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है। कंपनी का मानना है कि स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देकर ही स्वच्छ और स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।
एसईसीएल द्वारा आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के माध्यम से न केवल कार्यस्थलों की स्वच्छता पर जोर दिया जाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।















