कोरबा। ग्राम बरबसपुर में प्रस्तावित नई शराब दुकान का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के बुलावे पर पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल कांग्रेस नेताओं के साथ बरबसपुर पहुंचे और धरने पर बैठे ग्रामीणों एवं महिलाओं को अपना समर्थन दिया।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जब गांव के लोग शराब दुकान का खुलकर विरोध कर रहे हैं, तब आबकारी विभाग को जबरन दुकान नहीं खोलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बरबसपुर के साथ-साथ रापाखर्रा, भिलाईखुर्द, कर्रानाला और आसपास के कई गांवों का सामाजिक माहौल इससे प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद इन गांवों का जीवन आज भी ग्रामीण परिवेश पर आधारित है, जहां अधिकांश परिवार खेती और मजदूरी से अपना जीवन-यापन करते हैं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि शराब दुकान खुलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रामपुर और पथर्रीपारा-मानसनगर क्षेत्र के लोग वर्षों से इस शराब दुकान के कारण परेशान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लगातार विरोध हो रहा है तो आबकारी विभाग इस दुकान को स्थायी रूप से बंद क्यों नहीं कर देता।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। पूर्व मंत्री के पहुंचने पर समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए। जयसिंह अग्रवाल ने उस भवन के मालिक से दूरभाष पर चर्चा की, जहां शराब दुकान संचालित किए जाने का प्रस्ताव था। उनके अनुसार मकान मालिक ने आश्वासन दिया कि वह शराब दुकान के लिए अपना भवन उपलब्ध नहीं कराएगा और इस संबंध में आबकारी विभाग को लिखित सूचना भी देगा।
जयसिंह अग्रवाल ने आबकारी विभाग के एक अधिकारी से भी फोन पर बात कर नाराजगी जताई और कहा कि बरबसपुर में शराब दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। उन्होंने आबकारी मंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अवैध शराब और ओवररेट पर शराब बिक्री जारी है तथा सरकार को आम लोगों की चिंता से अधिक राजस्व की चिंता है।
उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि शराब दुकान के विरोध की इस लड़ाई में वे हर समय उनके साथ खड़े रहेंगे।















