कोरबा। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश में कार्यरत शिक्षक संवर्ग की विभिन्न समस्याओं के त्वरित निराकरण और लंबित मांगों की पूर्ति को लेकर 25 अगस्त 2026 को शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय तथा जिला कलेक्टर को संबोधित किया गया है।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने ज्ञापन में शिक्षक संवर्ग से जुड़ी पांच प्रमुख मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की है।
पहली मांग TET को लेकर है। मोर्चा ने सेवारत शिक्षक संवर्ग के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा TET के लिए 31 अगस्त 2028 तक समय दिया गया है, इसलिए सभी पदोन्नतियों में TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

दूसरी मांग पूर्व सेवा गणना की है। शिक्षक एलबी संवर्ग को पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू समस्त लाभ प्रदान करने की मांग की गई है।
तीसरी मांग केंद्रीय वेतनमान को लेकर है। मोर्चा ने सभी शिक्षक संवर्ग के लंबित वेतन विसंगति को दूर करने के लिए केंद्रीय वेतनमान संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण किए जाने की मांग की है।
चौथी मांग राजपत्र संशोधन की है। मोर्चा ने विसंगतिपूर्ण छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम, राजपत्र 13 फरवरी 2026 में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग रखी है।
पांचवीं मांग ब्रिज कोर्स से बीएड प्रशिक्षण की है। शिक्षक संवर्ग के लिए शिक्षा विभाग द्वारा योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड प्रशिक्षण कराने की मांग की गई है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शासन से इन सभी समस्याओं और मांगों का त्वरित निराकरण कर आवश्यक आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। ज्ञापन में जिला संयोजक के रूप में मनोज चौबे, वेदवती शर्मा और नित्यानंद यादव सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।
JB News Korba Chhattisgarh
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