गणेश विसर्जन के बीच पेंड्रा अंधेरे में! दिनभर बारिश की मार, रात में घंटों का ब्लैकआउट… न बिजली आने का पता, न अधिकारियों का फोन उठ रहा, विसर्जन के दौरान हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

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पेंड्रा। त्योहारी सीजन में गणेश विसर्जन का दौर जारी है और इसी बीच पेंड्रा शहर में बिजली व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है। दिनभर हुई लगातार बारिश के बाद अब कई घंटों से पूरा पेंड्रा शहर अंधेरे में डूबा हुआ है। हालात यह हैं कि लोगों को बिजली कब आएगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही। ऊपर से बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिशों के बावजूद फोन नहीं उठने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

दिनभर मौसम की मार, रात में बिजली विभाग की मार

बारिश ने पहले ही शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। इसके बाद बिजली गुल होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। त्योहारी सीजन में जब बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बनी हुई है, ऐसे समय में लंबे समय तक बिजली बंद रहना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

एक तरफ बारिश की मार और दूसरी तरफ घंटों का ब्लैकआउट—पेंड्रा के लोगों के लिए यह दोहरी मार बन गई है।

गणेश विसर्जन के बीच शहर अंधेरे में

सबसे बड़ा सवाल गणेश विसर्जन को लेकर है। शहर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर चल रहा है। श्रद्धालु और युवा जुलूस के साथ सड़कों पर निकल रहे हैं। ऐसे समय में शहर के कई हिस्सों में बिजली बंद होने से पर्याप्त रोशनी नहीं रहने की स्थिति पैदा हो रही है।

अगर विसर्जन के दौरान अंधेरे के कारण कोई अप्रिय घटना या हादसा हो गया तो जिम्मेदारी किसकी होगी?

क्या बिजली विभाग और प्रशासन को विसर्जन के दौरान निर्बाध बिजली व्यवस्था या वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करनी चाहिए थी?

अधिकारी फोन नहीं उठाएंगे तो जनता शिकायत कहां करे?

बिजली बंद होने के बाद आम उपभोक्ता सबसे पहले विभाग से जानकारी चाहता है। लेकिन स्थानीय लोगों की शिकायत है कि संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के प्रयास के बावजूद फोन नहीं उठ रहे हैं।

सवाल यह है कि जब शहर घंटों अंधेरे में हो, तब उपभोक्ताओं को बिजली बहाली की जानकारी कौन देगा?

क्या विभाग के पास आपात स्थिति के लिए कोई सक्रिय शिकायत व्यवस्था है? क्या फॉल्ट की जानकारी जनता को दी गई है? और अगर सुधार कार्य चल रहा है तो बिजली कब तक बहाल होगी?

त्योहार पहले से तय था, फिर तैयारी कहां थी?

गणेश विसर्जन कोई अचानक होने वाला आयोजन नहीं है। इसकी तारीख पहले से तय थी और त्योहारी सीजन को लेकर विभागों को अपनी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का पर्याप्त अवसर रहता है।

बारिश के दौरान तकनीकी खराबी आना संभव है, लेकिन सवाल फॉल्ट होने से ज्यादा उसके बाद की व्यवस्था और जवाबदेही का है।

अगर फॉल्ट आया है तो सुधार में कितना समय लगेगा? विभाग का अमला मौके पर है या नहीं? वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? और सबसे महत्वपूर्ण—जनता को सही जानकारी क्यों नहीं दी जा रही?

अंधेरे में विसर्जन मार्ग, सुरक्षा पर भी सवाल

गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोग और वाहन सड़कों पर रहते हैं। ऐसे में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से दृश्यता प्रभावित हो सकती है और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकता है।

हादसा होने के बाद जिम्मेदारी तय करने से बेहतर है कि उससे पहले व्यवस्था दुरुस्त की जाए।

क्या जिम्मेदार विभाग किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहे हैं?

जनता पूछ रही—बिजली कब आएगी और जिम्मेदार कौन?

पेंड्रा शहर की जनता को फिलहाल आश्वासन नहीं, बिजली और स्पष्ट जवाब चाहिए।

बिजली कब आएगी?
फॉल्ट कहां है?
सुधार कार्य कब शुरू हुआ?
कितने समय में व्यवस्था बहाल होगी?
गणेश विसर्जन के दौरान वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था क्यों नहीं है?
और अगर विसर्जन के दौरान अंधेरे में कोई हादसा हो गया तो जिम्मेदारी किसकी होगी?

त्योहारी सीजन में लोगों की सुरक्षा और बिजली व्यवस्था दोनों महत्वपूर्ण हैं। इसलिए बिजली विभाग और प्रशासन को तत्काल स्थिति स्पष्ट करते हुए बिजली बहाली के साथ विसर्जन मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

क्योंकि घटना होने के बाद जिम्मेदार तलाशने से बेहतर है कि जिम्मेदार व्यवस्था अभी जाग जाए।

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