कोरबा। जिले की प्रमुख जनसमस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी ने ‘जनहित अभियान’ शुरू किया है। बुधवार को कोरबा प्रेस क्लब के तिलक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी नेताओं ने ट्रेन सुविधाओं से लेकर बदहाल सड़कों, बिजली के बढ़ते खर्च, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और किसानों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन से समयबद्ध कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।
प्रदेश प्रवक्ता आनंद सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री जगलाल राठिया और जिलाध्यक्ष रिचर्ड डेबिट लोगन ने कहा कि जिले की जनता लंबे समय से कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। इनका निराकरण राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से परे जनहित को प्राथमिकता देते हुए किया जाना चाहिए। आप नेताओं ने जिले की आबादी और जरूरत के अनुरूप नई ट्रेनों के संचालन, प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं में सुधार की मांग की। वहीं सड़कों पर आवारा मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं की स्थिति का हवाला देते हुए उनके स्थायी रख-रखाव के लिए कांजी हाउस अथवा गौठानों की समुचित व्यवस्था की मांग की गई। जर्जर सड़कों को लेकर पार्टी ने तत्काल मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग उठाई। विशेष रूप से सुनालिया पुल से सीतामढ़ी मार्ग की खराब स्थिति का उल्लेख करते हुए शीघ्र काम शुरू कराने की मांग की गई।आप नेताओं ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। पार्टी का कहना है कि यदि समय रहते समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जनता के मुद्दों को लेकर चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।
प्रेसवार्ता में जिला संगठन मंत्री लहना सिंह, सोमराज, यूथ विंग जिलाध्यक्ष आजाद बक्स, जिला उपाध्यक्ष धर्मदास गांधी, लोकसभा उपाध्यक्ष भूषण कुर्रे, महिला जिलाध्यक्ष/उपाध्यक्ष सरोज यादव सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्वास्थ्य-शिक्षा और ग्रामीण विकास पर भी जोर
पार्टी ने सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयां और निशुल्क जांच की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की। सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार, शिक्षकों की पदस्थापना, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने की मांग भी रखी गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी दूर करने के साथ किसानों की सिंचाई, कृषि लागत, फसल के उचित मूल्य और कृषि बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
बिजली बिलों में राहत की मांग
पार्टी नेताओं ने बिजली के बढ़ते खर्च को भी आम उपभोक्ताओं से जुड़ा प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने बिजली बिलों में राहत के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

















