बांकी मोगरा। क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की चुनौती एक बार फिर सामने आई है। थाना बांकी मोगरा अंतर्गत 4 नंबर मेन रोड स्थित दीप्ति मोबाइल शॉप में अज्ञात चोरों ने दूसरी बार सेंधमारी कर पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। चोर दुकान की छत का पैराफिट तोड़कर अंदर घुसे और करीब 50 से 60 हजार रुपये कीमत का सामान लेकर फरार हो गए। एक ही दुकान को दोबारा निशाना बनाया जाना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
छत तोड़कर घुसे चोर, सुबह दुकान खोलने पर हुआ खुलासा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4 नंबर निवासी दुकान संचालक सरवन साहू बुधवार सुबह करीब 9 बजे दुकान खोलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देखा कि दुकान की छत के ऊपरी हिस्से में लगा टीन खुला हुआ था। अंदर जाकर जांच करने पर चोरी की वारदात का पता चला। चोर दुकान से डीजे सिस्टम, आईपी कैमरा, डीवीआर की हार्ड डिस्क सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत लगभग 50 से 60 हजार रुपये बताई जा रही है।
एक ही दुकान में दूसरी बार चोरी, पिछली वारदात का भी नहीं मिला सुराग!
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिस दुकान में पहले भी चोरी हो चुकी है, वहां दोबारा चोरों ने वारदात को अंजाम कैसे दे दिया? बताया जा रहा है कि पिछली चोरी के मामले में भी पुलिस चोर को पकड़ने में सफल नहीं हो सकी थी। अब उसी दुकान में फिर चोरी होने से व्यापारियों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
लगातार ऐसी घटनाएं व्यापारियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। आखिर चोरों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं? क्या अपराधियों में पुलिस का खौफ कम हो रहा है? और यदि पहले चोरी हो चुकी थी, तो ऐसे प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब पुलिस को अपनी कार्रवाई से देना होगा।
मौके पर मिले हंसिया और लोहे के औजार
घटनास्थल पर हंसिया और एल-नुमा लोहे का एक औजार छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि इन औजारों का इस्तेमाल चोरी की वारदात में किया गया होगा। हालांकि, इसकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अपराध दर्ज, अब आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती
घटना की सूचना मिलने पर बांकी मोगरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। दुकान संचालक की शिकायत पर अपराध क्रमांक 211/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) एवं 305 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
लेकिन सवाल केवल मामला दर्ज करने तक सीमित नहीं है। असली चुनौती चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और चोरी गए सामान की बरामदगी करने की है। पिछली वारदात का सुराग नहीं मिलने की बात के बीच ताजा चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना यह है कि बांकी मोगरा पुलिस इस बार महज जांच और आश्वासन तक सीमित रहती है या वास्तव में आरोपियों को पकड़कर व्यापारियों का भरोसा बहाल करती है।















