कटघोरा। पसान वन परिक्षेत्र के बनखेता जंगल में हाथियों के झुंड में एक नन्हे मेहमान के आगमन की खुशखबरी सामने आई है। एक हथिनी ने बेबी एलिफेंट को जन्म दिया है। जंगल में मिले प्लेसेंटा (प्रसव के बाद निकलने वाला ऊतक) के आधार पर वन विभाग ने बच्चे के जन्म की पुष्टि की है। हथिनी और उसका बच्चा फिलहाल मरवाही के जंगल की ओर चले गए हैं। एहतियात के तौर पर वन विभाग ने हाथियों की निगरानी बढ़ा दी है।
पसान वन परिक्षेत्र में 52 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा था। वन विभाग का अमला लगातार इनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है। नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों को बनखेता जंगल के कक्ष क्रमांक पी-163 में प्लेसेंटा मिला। झुंड में एक हथिनी के गर्भवती होने की जानकारी पहले से मौजूद थी। इसी आधार पर वनकर्मियों ने प्रसव होने का अंदाजा लगाया और तुरंत अधिकारियों को सूचना दी।
मामले की जानकारी वन परिक्षेत्राधिकारी मनीष सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई। अधिकारियों के निर्देश पर वन अमले ने हथिनी और नवजात बच्चे की लोकेशन तलाशने के साथ उनकी निगरानी की व्यवस्था शुरू कर दी।
वनकर्मियों की मेहनत के बाद हथिनी और उसके बच्चे की लोकेशन का पता चला, लेकिन तब तक वे मरवाही के जंगल की ओर पहुंच चुके थे। झुंड के कुछ अन्य हाथी भी उसी दिशा में चले गए हैं। फिलहाल पसान वन परिक्षेत्र में करीब 30 हाथियों के विचरण करने की जानकारी है।
वन विभाग को उम्मीद है कि हथिनी और उसका बच्चा वापस क्षेत्र में लौट सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए वन अमला सतर्क है और हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है।
हाथियों की मौजूदगी और नवजात बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए गांवों में मुनादी कराई जा रही है। लोगों को जंगल में नहीं जाने तथा हाथियों के करीब पहुंचकर उन्हें देखने या परेशान करने से बचने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग की निगरानी का उद्देश्य हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जंगल के आसपास रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर वन अमले के निर्देशों का पालन करें।















