नई दिल्ली, 28 मार्च 2025 – इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को लगेगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जो दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, उत्तरी एशिया, उत्तरी अफ्रीका, यूरोप और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए यहां सूतक काल लागू नहीं होगा।
ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)
- प्रारंभ: दोपहर 2:20 बजे
- मध्य काल: शाम 4:10 बजे
- समाप्ति: शाम 6:14 बजे
धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब ग्रहण भारत में नहीं दिखता, तो सूतक काल मान्य नहीं होता। इसलिए मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे और कोई विशेष नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसे खास उपकरणों के जरिए देखा जा सकता है।
कैसे करें सूर्य ग्रहण का अवलोकन?
जो लोग उन देशों में हैं, जहां यह ग्रहण दृश्य होगा, वे इसे विशेष सौर चश्मों या टेलीस्कोप की मदद से सुरक्षित रूप से देख सकते हैं। बिना सुरक्षा उपकरणों के सीधे सूर्य को देखना आंखों के लिए हानिकारक हो सकता है।
इस साल दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगेगा, जो भारत में भी आंशिक रूप से दिखाई देगा।















