कोरबा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ जिला कोरबा (संलग्न भारतीय मजदूर संघ) ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

संघ ने ज्ञापन में कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बीते कई वर्षों से सेवाएं दे रही हैं, लेकिन आज तक उन्हें शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारियों का दर्जा दिया जाए।
संघ ने ज्ञापन में निम्न प्रमुख मांगें रखी—
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।
- मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित अन्य राज्यों की भांति वेतनमान तय कर भत्ता व अन्य सुविधाएं दी जाएं।
- पोषण ट्रैकर ऐप की तकनीकी समस्याओं को दूर किया जाए, ताकि सही ढंग से कार्य हो सके।
- सेवानिवृत्ति पर 5 लाख रुपये की राशि एवं पेंशन सुविधा प्रदान की जाए।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आंदोलन करने पर बाध्य होगा।

👉 ज्ञापन पर जिला अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए और इसे प्रशासन को सौंपा।















