रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना National Rural Livelihood Mission (NRLM) के नाम पर हुए कथित बड़े घोटाले ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में भूचाल ला दिया है। आरोप है कि ‘फ्लोरामैक्स’ नाम की कंपनी के जरिए प्रदेश की करीब 40 हजार आदिवासी महिलाओं से अरबों रुपये की ठगी की गई।
इस मामले को लेकर पूर्व गृहमंत्री Nanki Ram Kanwar ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर उनकी मेहनत की कमाई को निवेश के नाम पर हड़प लिया गया। उन्होंने इसे सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि प्रधानमंत्री की योजना को बदनाम करने की साजिश बताया है।

आजीविका के नाम पर ‘अरबों का खेल’
बताया जा रहा है कि महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और आजीविका कार्यक्रम के नाम पर जोड़कर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। धीरे-धीरे हजारों महिलाओं से बड़ी रकम जमा कराई गई और बाद में कंपनी का नेटवर्क ही गायब हो गया। अब यह मामला अरबों रुपये के घोटाले के रूप में सामने आ रहा है।
कलेक्टर पर गुमराह करने का आरोप
शिकायत में कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है। आरोप है कि National Commission for Scheduled Tribes को गलत जानकारी देकर मामले को दबाने की कोशिश की गई। आयोग ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए 16 अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार को कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन 30 दिनों तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर आयोग नाराज हो गया।
मुख्य सचिव को दिल्ली बुलाया
प्रशासनिक ढिलाई को गंभीर मानते हुए आयोग ने अब छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को 17 मार्च को दिल्ली स्थित मुख्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है। आयोग सीधे जवाब चाहता है कि कार्रवाई में देरी क्यों हुई और दोषियों को संरक्षण किसका मिला।
CBI जांच की मांग
पूर्व मंत्री Nanki Ram Kanwar ने इस पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस घोटाले के तार अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।उन्होंने यह भी मांग की है किघोटाले में शामिल अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होआदिवासी महिलाओं को उनकी जमा राशि वापस दिलाई जाए।
पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए
कंवर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह आदिवासियों के हक पर सीधा डाका है और जब तक दोषियों को जेल नहीं भेजा जाता, उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
फिलहाल मामला दिल्ली तक पहुंच चुका है और अब सबकी नजर इस पर है कि जांच में कौन-कौन से बड़े नाम सामने आते हैं। अगर आरोप साबित हुए तो यह छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े ग्रामीण वित्तीय घोटालों में से एक साबित हो सकता है।















