Bulldozer Action पर बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा बयान…! अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग…नकटी मामले पर सियासत तेज,देखिए विडिओ

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रायपुर, 02 जुलाई। Bulldozer Action : राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए की गई बेदखली कार्रवाई को लेकर सियासी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मामले में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रात के अंधेरे में लोगों के घरों तक पहुंचकर तोड़फोड़ करना पूरी तरह अनुचित है और इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

सांसद ने कहा कि उन्होंने पहले ही संबंधित पक्षों से चर्चा कर यह स्पष्ट किया था कि बरसात के मौसम में लोगों के मकानों को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। इसके बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई कर दी, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने इस तरह की कार्रवाई की है, उनके खिलाफ जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

बृजमोहन अग्रवाल ने दोहराया कि नकटी गांव के निवासियों को बेदखल करने के बजाय उनकी समस्याओं का मानवीय समाधान निकाला जाना चाहिए। उनका कहना था कि वे पहले भी इस मुद्दे पर अपनी राय रख चुके हैं और आज भी उसी रुख पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि जनता के हित से जुड़े मामलों में वे हमेशा उचित मंच पर अपनी बात रखते हैं और आगे भी रखते रहेंगे।

गौरतलब है कि माना क्षेत्र के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए प्रशासन ने सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए करीब 80 मकानों को ध्वस्त किया। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने कई मकान भी शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई से पहले रविवार देर रात से पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

सोमवार सुबह जब प्रशासनिक अमला जेसीबी मशीनों के साथ गांव पहुंचा तो बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों को बचाने के लिए मशीनों के सामने खड़े हो गए। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। विरोध के बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी, जिसके बाद प्रभावित परिवारों में भारी आक्रोश फैल गया।

कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि सांसद ने दो दिन पहले उनसे मुलाकात के दौरान भरोसा दिलाया था कि बारिश के दौरान किसी के मकान नहीं तोड़े जाएंगे और प्रशासन तथा ग्रामीणों के बीच समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। लेकिन आश्वासन के बावजूद बुलडोजर चलने से लोगों में गहरा असंतोष है।

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