कोरबा 3 अगस्त 2026। कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करने की दिशा में लगातार सक्रिय हैं। इसी क्रम में उन्होंने सोमवार को शासकीय पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों से संवाद कर शिक्षा, खेल और व्यक्तित्व विकास को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने छात्रों से कहा कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी हैं। इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने और कॉलेज के साथ जिले में संचालित सार्वजनिक पुस्तकालयों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में केवल परीक्षा पास करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगातार सीखने और खुद को बेहतर बनाने की सोच ही युवाओं को आगे ले जाती है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रहा है।
कॉलेज परिसर में टर्फ मैदान विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है, जबकि प्रियदर्शिनी इंदिरा स्टेडियम में आधुनिक एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा बॉक्सिंग, तीरंदाजी समेत अन्य खेलों के लिए भी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि जिले के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिल सकें।कलेक्टर ने कहा कि आने वाले समय में खेल अधोसंरचना को और मजबूत करने के लिए कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी।
उनका कहना था कि शिक्षा और खेल का संतुलन युवाओं के सर्वांगीण विकास की नींव है और दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी भविष्य में समाज और देश का बेहतर नेतृत्व कर सकते हैं।संवाद के दौरान उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के माध्यम से संचालित योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खनन प्रभावित और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पात्र विद्यार्थियों से इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी पढ़ाई जारी रखने की अपील भी की।
कोरबा में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार कई पहल कर रहा है। स्कूलों और कॉलेजों में शैक्षणिक वातावरण सुधारने, खेल सुविधाओं के विस्तार, पुस्तकालयों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने और जरूरतमंद विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने जैसे प्रयासों के जरिए प्रशासन युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। कलेक्टर कुणाल दुदावत का यह संवाद भी इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित नहीं बल्कि सक्षम, आत्मनिर्भर और बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में तैयार करना है।















