रायपुर के डंगनिया बिजली मुख्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को विरोध किया। इस प्रदर्शन की वजह बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी और ‘बिजली बिल हाफ’ योजना का बंद होना था। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने किया। सैकड़ों कार्यकर्ता सुबह ही मुख्य कार्यालय के पास पहुंचे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली मुख्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। “बिजली चोर गद्दी छोड़ो”, “जनता से धोखा बंद करो”, जैसे नारे पूरे परिसर में गूंजने लगे। कार्यकर्ताओं ने तख्तियों, बैनर और पोस्टर के साथ अपना विरोध जताया।
समस्या की जड़ बिजली दरों में सीधी बढ़ोतरी है। जुलाई 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को हर यूनिट पर 10 से 20 पैसे अधिक देने पड़ते हैं। सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत योजना बंद कर दी है। पहले ‘बिल हाफ योजना’ से लोगों को हर महीने बिल में छूट मिलती थी। अब वह सुविधा खत्म हो गई है।

कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा—गरीब, किसान और आम परिवारों को नुकसान हो रहा है। बीजेपी सरकार ने बिल बढ़ाकर जनता की जेब पर बोझ डाला है। उपाध्याय ने गरजते हुए मांग रखी—पुरानी योजना दोबारा लागू करो। बिजली दरें कम करो।
प्रदर्शन में महिलाओं और युवाओं ने भी हिस्सा लिया। सभी लोग गुस्से में थे। उन्होंने कहा—सरकार गरीबों का दर्द नहीं समझ रही। बिजली के बढ़े बिल से आम आदमी परेशान है। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा—आम जनता को राहत कब मिलेगी?
धरना घंटों चला। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि वे पूरे प्रदेश में ऐसे आंदोलन करेंगे। ‘बिल हाफ’ योजना फिर शुरू की जाए, यही उनकी मुख्य मांग रही।
इस प्रदर्शन का असर साफ दिखा। विरोध के कारण बिजली कार्यालय का कामकाज भी बाधित हुआ। मीडिया और स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे। कांग्रेस ने कहा, आगे भी आंदोलन होगा। सरकार को गरीबों की तकलीफ समझनी चाहिए।
फिलहाल, छत्तीसगढ़ में बिजली की दरें बढ़ीं हैं। आम लोगों पर सीधा असर पड़ा है। कांग्रेस ने जनता के साथ खड़े होकर अपना संदेश दिया—”जब तक राहत नहीं मिलेगी, संघर्ष जारी रहेगा”।















