गेवरा दीपका
दीपका नगर पालिका परिषद जिला कोरबा में स्ट्रीट लाइट स्थापना के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट और सार्वजनिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का एक बड़ा मामला सामने आया है वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद कमलेश जायसवाल ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर लगभग 84 लाख रुपये के इस टेंडर में भारी भ्रष्टाचार अधिकारियों की मिलीभगत और घटिया निर्माण कार्य की विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है ।
प्रमुख आरोप और अनियमितताएं
शिकायत के अनुसार ठेकेदार और नगर पालिका के इंजीनियरों और अधिकारियों की साठगांठ से निविदा की शर्तों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है:-
01. कमजोर नींव (No PCC):- नियमों के विरुद्ध खंभों के आधार में कंक्रीट (PCC) नहीं डाला जा रहा है जिससे तेज हवा या बारिश में पोल गिरकर जान-माल की हानि कर सकते हैं ।
02. घटिया क्वालिटी के पोल:- मानक के अनुसार जिस गुणवत्ता एवं भार पोल लगने थे उसकीकी जगह हल्के भार एवं घटिया क्वालिटी का बिना कोटिंग वाला पोल लगाया जा रहा है ।
03. ब्रांडेड लाइटों की चोरी:- निविदा में ब्रांडेड 100 वॉट की लाइटों की जगह मात्र 50-70 वॉट की सस्ती नॉन-ब्रांडेड लाइटें लगाई जा रही हैं ।
04. सुरक्षा से खिलवाड़:- केबल को निर्धारित 40-90 सेमी की गहराई के बजाय केवल 10 सेमी पर दबाया जा रहा है साथ ही करंट से बचाव के लिए जरूरी अर्थिंग और MCCB सुरक्षा उपकरण गायब हैं जिससे भविष्य में बड़े हादसों का खतरा है
पार्षद ने छत्तीसगढ़ लोक आयोग अधिनियम 2002 की धारा 9 के तहत इस मामले की प्रारंभिक और पूर्ण जांच की मांग की है उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई ठेका रद्दीकरण और धन की वसूली नहीं की गई तो वे इस लड़ाई को आगे तक ले जाएंगे

पार्षद का कहना है कि इस मामले में नगर पालिका दीपका के सिविल विभाग के अधिकारी से जानकारी मांगे जाने पर हीला हवाला करते हुए जवाब नहीं दिया गया
अब आगे यह भी सवाल उठता है कि भ्रष्टाचार को लेकर पार्षद ने जिस स्तर का प्रयास किया है वह क्या दीपका की जनता को विष्णु देव साय सरकार के सुशासन नियमों के तहत राहत पहुंचाएगी या पूर्व शिकायतों की भांति फाइल में ही दबी की दबी रह जाएगी। इस मामले को लेकर दीपका कांग्रेस के नेताओं ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए कमर कस रखी है















