ग्रामीणों की सुरक्षा, मुआवजा और पुनर्वास की मांग; SECL गेवरा प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी उठाए गंभीर सवाल
कोरबा :- नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के वार्ड क्रमांक 29 नरईबोध गेवरा बस्ती की पार्षद एवं पीआईसी सदस्य (शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण समिति) अमिला पटेल ने ग्राम नरईबोध के भू-विस्थापितों की गंभीर समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं कोरबा जिला प्रभारी मंत्री अरुण साव को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में SECL खदान विस्तार के कारण गांव के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे, पुनर्वास में हो रही देरी तथा ग्रामीणों पर की जा रही कथित दंडात्मक कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया है।
पार्षद अमिला पटेल ने बताया कि खदान विस्तार के चलते नरईबोध गांव और खदान के बीच की दूरी 50 मीटर से भी कम रह गई है। प्रतिदिन होने वाली भारी ब्लास्टिंग के कारण ग्रामीणों के मकानों की दीवारों एवं छतों में दरारें आ रही हैं तथा पत्थर गिरने की घटनाओं से लोगों में भय का वातावरण है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के बावजूद भू-विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया अत्यंत धीमी गति से चल रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जब ग्रामीण अपनी सुरक्षा, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास जैसी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन करते हैं, तब उन पर कथित रूप से पेनाल्टी लगाई जाती है और FIR दर्ज कराई जाती है। पार्षद ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए ऐसे मामलों को निरस्त करने की मांग की।
प्रमुख मांगें
- नरईबोध पुनर्वास कार्य की समयसीमा तय कर प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाए।
- गांव के समीप हो रही भारी ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा सुरक्षा मानकों की उच्चस्तरीय जांच हो।
- ब्लास्टिंग से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए।
- भू-विस्थापितों पर दर्ज कथित दंडात्मक कार्रवाई, पेनाल्टी और FIR की समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाए।
पार्षद अमिला पटेल ने ज्ञापन में SECL गेवरा प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के बजाय दमनात्मक रवैया अपनाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री को क्षेत्र की जमीनी स्थिति से अवगत कराते हुए हस्तक्षेप की मांग की।
इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा, SECL बिलासपुर के सीएमडी, खान सुरक्षा महानिदेशक तथा SECL गेवरा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक को भी भेजी गई है।















