धमतरी, 6 मार्च 2026। जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम परसवानी के युवा अधिकारी डायमंड सिंह ध्रुव ने देश की सबसे प्रतिष्ठित UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर धमतरी सहित पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। घोषित परिणाम में उन्हें अखिल भारतीय स्तर पर 623वीं रैंक प्राप्त हुई है।
खास बात यह है कि डायमंड सिंह ध्रुव पहले ही प्रयास में CGPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्ष 2024 में डीएसपी पद के लिए चयनित हो चुके हैं। मेडिकल और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब UPSC में सफलता हासिल कर उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत का एक और नया अध्याय जोड़ दिया है।
साधारण परिवार, असाधारण उपलब्धि
डायमंड सिंह ध्रुव मूलतः मगरलोड क्षेत्र के ग्राम परसवानी के निवासी हैं। उनके पिता स्वर्गीय बलराम सिंह ध्रुव मगरलोड जनपद पंचायत में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, जिनका निधन हो चुका है। उनकी माँ एक शासकीय विद्यालय में शिक्षिका हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जिसने डायमंड को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
बचपन से ही प्रशासनिक सेवा का सपना
डायमंड सिंह ध्रुव बचपन से ही पढ़ाई में अत्यंत मेधावी रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिशु मंदिर मगरलोड से प्राप्त की और बाद में रेडियंट पब्लिक स्कूल माना से हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की। छात्र जीवन के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में लगातार मेहनत करते रहे।
25 वर्ष की उम्र में DSP, अब UPSC में भी सफलता
मिली जानकारी के अनुसार, महज 25 वर्ष की उम्र में डायमंड सिंह ध्रुव ने पहली ही कोशिश में CGPSC परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल की और डीएसपी कैटेगरी में तीसरा स्थान प्राप्त कर पुलिस सेवा में चयनित हुए। इसके बाद उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी और अब 623वीं रैंक प्राप्त कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम कर ली।
युवाओं के लिए प्रेरणा
डायमंड सिंह ध्रुव की यह सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच से बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
कलेक्टर ने दी बधाई
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने डायमंड सिंह ध्रुव को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि डायमंड की उपलब्धि से जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।
डायमंड सिंह ध्रुव की यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि छोटे गांवों से निकलकर भी युवा देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंच सकते हैं और अपने प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं।















