कोरबा।
पूरे कोरबा शहर में अवैध रेत परिवहन का धंधा लगातार और खुलेआम फल-फूल रहा है। रात-दिन बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई ट्रैक्टर नाबालिगों द्वारा चलाए जाते हुए नजर आते हैं।
इन वाहनों में न तो फिटनेस, न इंश्योरेंस, और न ही अनुमति पत्र मौजूद है। ड्राइवरों के पास लाइसेंस तक नहीं है, जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पूरा मामला भगवान भरोसे रह जाता है। शहर में ऐसे मामलों की दुर्घटनाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन परिवहन करने वालों में भय नाम की कोई चीज नहीं दिखाई देती।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हसदेव नदी को निरंतर नुकसान पहुंचाकर रेत निकासी और परिवहन जारी है, इसके बावजूद खनिज विभाग और RTO की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है।
जब RTO अधिकारी से बिना नंबर प्लेट और बिना अनुमति चल रही गाड़ियों के बारे में सवाल किया गया तो उनका जवाब था—
“हम कार्रवाई करेंगे।”
लेकिन अब इस बात को दो महीने से अधिक समय हो चुका है, और जमीनी स्तर पर न तो कोई विशेष जांच, न ही कोई बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि:
आखिर RTO और खनिज विभाग की कार्रवाई कब होगी?
कौन लेगा इन अवैध गतिविधियों की जिम्मेदारी?
कोरबा की जनता विभागीय चुप्पी और बढ़ते खतरों को देखते हुए कड़ी कार्यवाही की मांग कर रही है।















